90 फीसदी हीरा कारोबार में है इस समाज का दबदबा, मेहुल चोकसी है 'काका' तो नीरव मोदी 'भाई'
114 अरब का महाघोटाला करने के बाद फरार चल रहे आरोपी नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जिस समाज से आते हैं उसका देश-विदेश के हीरा कारोबार में 90 फीसदी से अधिक कंट्रोल है। इस समाज के लिए मेहुल काका हैं, तो नीरव भाई। गुजरात के एक ही शहर से ताल्लुक रखने वाले यह समाज इस कारोबार में किसी भी बाहरी का आना पसंद नहीं करते हैं।
70 के दशक में आये थे बेल्जियम
पालनपुर का जैन समाज 60 और 70 के दशक में बेल्जियम के एंटवर्प में शहर में जाकर बसने लगा था। यह लोग वहां पर सस्ता हीरे का पत्थर खरीदते थे। उसके बाद इन पत्थरों को सूरत में किसी रिश्तेदार के पास पॉलिशिंग के लिए भेजा जाता था।
पॉलिश होने के बाद इन हीरों को फिर से एंटवर्प शहर में काफी कम प्रॉफिट पर बेचा जाता था। कारोबार के बढ़ने के बाद इन व्यापारियों ने अपने सगे संबंधी और रिश्तेदारों को भी वहां पर बुलाने लगे, जिसके बाद पूरा का पूरा कारोबार इन गुजरातियों के हाथ में ही चला गया।
बच्चे पढ़ते हैं इस स्कूल में
इस समाज के ज्यादातर बच्चे मुंबई के न्यू इरा या फिर मानव मंदिर स्कूल में पढ़ते हैं। लड़कों के लिए 12वीं के बाद पढ़ने पर जोर नहीं दिया जाता है। बी.कॉम करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अगर कोई लड़का इससे ज्यादा पढ़ाई करता है तो फिर उसको समाज की वेबसाइट पालनपुरऑनलाइन पर भी अपलोड किया जाता है।
छोटे से लेकर के बड़े तक हैं बिजनेस में शामिल
गुजरात के पालनपुर का रहने वाला यह जैन समाज है, जिसके बिजनेस करने के तरीके औरों से काफी अलग हैं। एक परिवार की तरह रहने वाले इस पालनपुरी समाज में सभी बड़े काका और मामा हैं और छोटे भतीजे व भाई। हीरा कारोबार में हर व्यक्ति लगा है। इनका ट्रैवल एजेंट भी इन्हीं के परिवार से होता है।
नॉनवेज खाने वालों की नहीं है एंट्री
इस बिजनेस में जितने भी कारोबारी हैं, वो सभी शुद्ध शाकाहारी हैं। घर परिवार में अंडे तक का प्रयोग वर्जित है। अगर किसी के नॉनवेज खाने का पता चलता है तो उसको समाज से बेदखल कर दिया जाता है।
मुंबई के मालाबार हिल पर बने दो अपार्टमेंट चंदनबाला और पूरब पूरी तरह से एगलेस बिल्डिंग हैं और इन्हीं दोनों बिल्डिंग में ज्यादातर कारोबारी रहते हैं। शादी में भी यह बाहरी लड़कों या लड़कियों को पसंद नहीं करते हैं। समाज में आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए शादी भी समाज के भीतर होती है।
दिवालिया होने पर करते हैं मदद
समाज के अंदर अगर कोई व्यक्ति दिवालिया हो जाता है तो फिर समाज के पांच लोग तुरंत आगे बढ़कर उसको फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने पर मदद करते हैं। लेकिन इस बार उन्हें अपने समाज के मेहुल 'काक' और नीरव 'भाई' की मदद न कर पाने का अफसोस है।