कर्मचारियों को बिना 'हाजिरी' सेलरी दे रही कंपनियां
किसी भी दफ्तर में काम सुचारू रूप से चलाने के लिए नियोक्ता और कर्मचारी के बीच का रिश्ता काफी अहम होता है। आजकल इसी रिश्ते को और मजबूती देते हुए कंपनियों ने फ्लैक्सी ऑफिस टाइमिंग का कांसेप्ट अपना लिया है।
इस कांसेप्ट के तहत कर्मचारियों को दफ्तर आने की बाध्यता नहीं रहती है और अपनी सुविधानुसार कर्मचारी आ जा सकते हैं।
कुछ कंपनियों ने अब अटेंडेंस के लिए पंच इन और पंच आउट जैसे परंपरागत तरीकों को हटाना शुरू कर दिया है।
काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की क्षमता दे रही हैं कंपनियां
ये कंपनियां अपने कर्मचारियों को कुछ तय घंटों के लिए 'प्रजेंट' होने के बजाय हर दिन 'प्रजेंट' होने के तौर पर मार्क कर रही हैं।
जब किसी कर्मचारी को डे ऑफ लेना हो तो उसे अपने सीनियर्स को इसकी सूचना देनी होती है। संस्थानों को विश्वास है कि यह सिस्टम काफी कारगर साबित होगा और कर्मचरियों से मिलने वाले आउटपुट में इजाफा होगा।
कंपनी का कहना है कि ऐसा करके वह कर्मचारियों को अपने काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की क्षमता दे रही है। इस सिस्टम से कर्मचारी खुद फैसला ले सकते हैं कि वह काम के लिए कौन सी टाइमिंग बनाए रखना चाहते हैं।