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कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती समेत सरकार के बड़े फैसले, जिससे अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती
Fri, 20 Sep 2019 02:45 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 20 Sep 2019 02:45 PM IST
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : Ministry of Finance Twitter
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर बड़ी राहत दी है। इस एलान के कुछ ही मिनटों में निवेशकों ने पांच लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। इसके साथ ही कई वस्तुओं पर जीएसटी की दर में भी कटौती की गई। पिछले कुछ समय से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इसने न केवल बाजार में तेजी देखी जा रही है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिल रही है।
जीएसटी में कटौती
वस्तु एवं सेवाकर परिषद (जीएसटी काउंसिल) ने घंटों चले विचार-विमर्श के बाद आज अर्थव्यवस्था की सुस्ती को दूर करने के लिए की जा रही उपायों की मांग के बीच कई वस्तुओं पर कर की दर में कटौती करने का एलान किया। जीएसटी की सभी दरें एक अक्तूबर से लागू होंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी बैठक टैक्स सरलीकरण और टैक्स के नियमों को युक्तिसंगत बनाने पर आधारित रही।
कैपिटल गेन्स टैक्स खत्म किया
पांच जुलाई को बजट पेश करने के बाद से शेयर बाजार लगातार गिरावट पर बंद हो रहा था। वित्त मंत्री ने बजट में विदेशी संस्थागत निवेशकों पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगाने का एलान किया था। इस टैक्स को खत्म करने का एलान किया गया था।
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टैक्स के मोर्चे पर बदलाव
निर्मला सीतारमण ने कहा, सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म कर दिया है।
बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी
बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे बैंक पांच लाख करोड़ रुपये के लोन बांट पाएंगे। उन्होंने कहा बैंक अपने एमसीएलआर में कटौती करेंगे ताकि रेपो रेट में कमी का फायदा ग्राहकों को मिल सके। बैंकों ने फैसला किया है कि वे रेपो-रेट से लिंक्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करेंगे। सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक लोन बंद होने के 15 दिनों के भीतर डॉक्यूमेंट ग्राहकों को वापस करेंगे।
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जीएसटी में कटौती
वस्तु एवं सेवाकर परिषद (जीएसटी काउंसिल) ने घंटों चले विचार-विमर्श के बाद आज अर्थव्यवस्था की सुस्ती को दूर करने के लिए की जा रही उपायों की मांग के बीच कई वस्तुओं पर कर की दर में कटौती करने का एलान किया। जीएसटी की सभी दरें एक अक्तूबर से लागू होंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी बैठक टैक्स सरलीकरण और टैक्स के नियमों को युक्तिसंगत बनाने पर आधारित रही।
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कैपिटल गेन्स टैक्स खत्म किया
पांच जुलाई को बजट पेश करने के बाद से शेयर बाजार लगातार गिरावट पर बंद हो रहा था। वित्त मंत्री ने बजट में विदेशी संस्थागत निवेशकों पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगाने का एलान किया था। इस टैक्स को खत्म करने का एलान किया गया था।
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टैक्स के मोर्चे पर बदलाव
निर्मला सीतारमण ने कहा, सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म कर दिया है।
बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी
बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे बैंक पांच लाख करोड़ रुपये के लोन बांट पाएंगे। उन्होंने कहा बैंक अपने एमसीएलआर में कटौती करेंगे ताकि रेपो रेट में कमी का फायदा ग्राहकों को मिल सके। बैंकों ने फैसला किया है कि वे रेपो-रेट से लिंक्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करेंगे। सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक लोन बंद होने के 15 दिनों के भीतर डॉक्यूमेंट ग्राहकों को वापस करेंगे।
10 बैंकों का महाविलय
वित्त मंत्री ने बड़ा एलान करते हुए देश के 18 बैंकों में से छह सरकारी बैंकों को विलय कर दिया। पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा। ये दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा, जो पीएनबी से 1.5 गुना बड़ा होगा। वहीं केनरा बैंक का विलय सिंडिकेट बैंक में होगा, जो देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक होगा। जबकि इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में किया गया है। इसके अलावा यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय होगा, जो देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा।
ओला-उबर को बताया ऑटो सेक्टर में मंदी का जिम्मेदार
वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए शहरी क्षेत्रों में ओला-उबर को जिम्मेदार बताया था। शहरी क्षेत्रों में लोग अपनी गाड़ी से चलने के बजाए ओला-उबर को पसंद करने लगे हैं। वित्त मंत्री ने कहा था कि ऑटो सेक्टर बीएस6 की और लोगों की सोच की वजह से ज्यादा प्रभावित है। अब लोग ओला उबर गाड़ी खरीदने की तुलना में ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
आयकर में फेसलेस असेसमेंट शुरू होगा
निर्मला सीतारमण ने आयकर में फेसलेस असेसमेंट शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
निर्यात प्रोत्साहन के लिए जनवरी 2020 से एक नयी योजना
निर्यात उत्पादों पर करों एवं शुल्कों से छूट (रोडीटीईपी) अमल में आ जाएगी। यह देश से वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात संवर्धन की योजना (एमईआईएस) की जगह लेगी। सीतारमण ने कहा कि नयी योजना से निर्यातकों को इतनी राहत मिलेगी जो इस समय लागू सभी योजनाओं को मिला कर भी नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सरकारी राजस्व पर 50 हजार करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ने का अनुमान है।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए व्यापार मेला का आयोजन
एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लोए सरकार चार जगहों पर मार्च 2020 तक बड़े व्यापार मेला का आयोजन करेगी। दुबई की तरह हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन, योगा, टेक्सटाइल मेला भारत में भी लगाया जाएगा। एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए टैक्से और ड्यूटी के रिफंड को बढ़ा दिया गया है।
ओला-उबर को बताया ऑटो सेक्टर में मंदी का जिम्मेदार
वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए शहरी क्षेत्रों में ओला-उबर को जिम्मेदार बताया था। शहरी क्षेत्रों में लोग अपनी गाड़ी से चलने के बजाए ओला-उबर को पसंद करने लगे हैं। वित्त मंत्री ने कहा था कि ऑटो सेक्टर बीएस6 की और लोगों की सोच की वजह से ज्यादा प्रभावित है। अब लोग ओला उबर गाड़ी खरीदने की तुलना में ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
आयकर में फेसलेस असेसमेंट शुरू होगा
निर्मला सीतारमण ने आयकर में फेसलेस असेसमेंट शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
निर्यात प्रोत्साहन के लिए जनवरी 2020 से एक नयी योजना
निर्यात उत्पादों पर करों एवं शुल्कों से छूट (रोडीटीईपी) अमल में आ जाएगी। यह देश से वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात संवर्धन की योजना (एमईआईएस) की जगह लेगी। सीतारमण ने कहा कि नयी योजना से निर्यातकों को इतनी राहत मिलेगी जो इस समय लागू सभी योजनाओं को मिला कर भी नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सरकारी राजस्व पर 50 हजार करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ने का अनुमान है।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए व्यापार मेला का आयोजन
एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लोए सरकार चार जगहों पर मार्च 2020 तक बड़े व्यापार मेला का आयोजन करेगी। दुबई की तरह हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन, योगा, टेक्सटाइल मेला भारत में भी लगाया जाएगा। एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए टैक्से और ड्यूटी के रिफंड को बढ़ा दिया गया है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड पूरी तरह होंगे ऑटोमैटिक
इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड पूरी तरह सितंबर के अंत तक ऑटोमैटिक हो जाएंगे। एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस स्कीम का दायरा बढ़ाया गया है। इस पहल पर 1700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एमएसएमई के लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट पर ब्याज दर घटाने में मदद मिलेगी।
कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती
सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर दी। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। पहले यह दर 30 फीसदी थी।
कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म
कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म हो गया है। कॉर्पोरेट कर की दर घटाने से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। वित्त मंत्री के एलान के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला।
इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान शामिल
सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत वित्त वर्ष 2019-20 से घरेलू कंपनियों पर इनकम टैक्स की दर 22 फीसदी होगी। शर्त यह है कि ऐसी कंपनी को दूसरी कोई टैक्स छूट नहीं मिल रही हो। सरचार्ज और सेस मिलाकर टैक्स की प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी।
बायबैक पर टैक्स से छूट
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस साल 5 जुलाई से पहले शेयर बायबैक का एलान करने वाली सूचीबद्ध कंपनियों को शेयरों के बायबैक पर टैक्स नहीं चुकाना होगा।
सीएसआर के नियमों में बदलाव
सरकार ने सीएसआर पर होने वाले खर्च में सरकारी, पीएसयू इनक्यूबेटर्स और सरकारी खर्च से चलने वाले आईआईटी जैसे संस्थानों को भी शामिल किया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 22 फीसदी इनकम टैक्स के तहत आने वाली कंपनियों को मिनिमम अल्टरनेट टैक्स नहीं चुकाना होगा।
कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती
सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर दी। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। पहले यह दर 30 फीसदी थी।
कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म
कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म हो गया है। कॉर्पोरेट कर की दर घटाने से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। वित्त मंत्री के एलान के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला।
इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान शामिल
सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत वित्त वर्ष 2019-20 से घरेलू कंपनियों पर इनकम टैक्स की दर 22 फीसदी होगी। शर्त यह है कि ऐसी कंपनी को दूसरी कोई टैक्स छूट नहीं मिल रही हो। सरचार्ज और सेस मिलाकर टैक्स की प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी।
बायबैक पर टैक्स से छूट
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस साल 5 जुलाई से पहले शेयर बायबैक का एलान करने वाली सूचीबद्ध कंपनियों को शेयरों के बायबैक पर टैक्स नहीं चुकाना होगा।
सीएसआर के नियमों में बदलाव
सरकार ने सीएसआर पर होने वाले खर्च में सरकारी, पीएसयू इनक्यूबेटर्स और सरकारी खर्च से चलने वाले आईआईटी जैसे संस्थानों को भी शामिल किया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 22 फीसदी इनकम टैक्स के तहत आने वाली कंपनियों को मिनिमम अल्टरनेट टैक्स नहीं चुकाना होगा।