वाणिज्य मंत्री का दावा-निर्यात में तेज सुधार, जून में पिछले साल के 90 फीसदी तक पहुंचा
- वाणिज्य मंत्री का दावा...सालाना आधार पर 10-12 फीसदी तक ही गिरावट
- अप्रैल में निर्यात के मोर्चे पर 60 फीसदी गिरावट आई थी
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को बताया कि निर्यात में सुधार के बड़े संकेत मिल रहे हैं। जून के दूसरे सप्ताह तक निर्यात पिछले साल के 90 फीसदी तक पहुंच गया है। सालाना आधार पर इसमें महज 10-12 फीसदी की गिरावट दिख रही है। इससे पहले अप्रैल में यह निर्यात 60 फीसदी गिर गया था।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा कि मई में कुल निर्यात 19.05 अरब डॉलर था, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 36.47 फीसदी कम रहा। जून के पहले दो सप्ताह में हम 2019 के निर्यात स्तर के 88-90 फीसदी तक पहुंच गए हैं। अभी तीसरे सप्ताह के आंकड़ों का इंतजार है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सब्सिडी कारोबार के लिए कभी अच्छी नहीं होती है और घरेलू निर्यातकों को पूरी तरह दुनिया के साथ जोड़ नहीं पाती।
एफडीआई की बाबत उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के लिए लगभग सभी क्षेत्र खुले हैं और हम दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। रेलवे में भी कारोबार के बहुत अवसर हैं। हमारा मंत्रालय रेल मार्गों और पार्सल गाड़ियों को किराये पर देने को तैयार है। रेलवे की माल ढुलाई भी पिछले साल के 95 फीसदी तक पहुंच गई है। 150 निजी ट्रेनों के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
कंपनियों को रिजर्व खाते पर छूट
कॉरपोरेट मंत्रालय ने कंपनियों को पुनर्भुगतान रिजर्व खाते को पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक समय दिया है। कोरोना संकट की वजह से कंपनियों ने इसमें राहत के लिए अपील की थी। इसके तहत कंपनियों को जमा राशि का 15 फीसदी सिक्योर्ड डिबेंचर्स के रूप में 30 अप्रैल तक जमा करना होता है, जो पहले बढ़ाकर 30 जून किया गया था।
अब इसे 30 सितंबर कर दिया गया है। इसी तरह, कंपनियों को डिपॉजिट की 20 फीसदी राशि 30 अप्रैल तक संबंधित बैंक में जमा करनी होती है, जो अगले साल तक परिपक्व होती है। यह अवधि भी अब 30 सितंबर हो गई है।
चीन के सोलर सेल, मॉड्यूल पर लगेगा 20 फीसदी आयात शुल्क
भारत सरकार सोलर प्लांट में इस्तेमाल होने वाले चीन से आयातित सेल और मॉड्यूल पर जल्द 20 फीसदी आयात शुल्क लगा सकती है। अभी तक इस पर कोई शुल्क नहीं लगता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने 30 जुलाई, 2018 को चीन और मलयेशिया से आने वाले सोलर सेल व मॉड्यूल पर सेफगार्ड ड्यूटी लागू किया था, जिसमें शून्य आयात शुल्क है।
29 जुलाई को समाप्त होने वाली इस अवधि को केंद्र बढ़ाने के मूड में नहीं है और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही इस पर 20 फीसदी आयात शुल्क लगाने की बात कह चुकी हैं। सोलर प्रोजेक्ट का 60 फीसदी खर्च सिर्फ मॉड्यूल पर होता है। भारत ने 2018-19 में 2.16 अरब डॉलर के सोलर सेल, पैनल और मॉड्यूल चीन से आयात किए थे।