फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   ceo of 59 companies in usa writes letter against h1b visa rules

ट्रंप प्रशासन के एच-1बी वीजा पर फैसले के विरोध में 59 कंपनियों के सीईओ, कामगारों में कमी आएगी

Sat, 25 Aug 2018 10:37 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 25 Aug 2018 10:37 AM IST
विज्ञापन
ceo of 59 companies in usa writes letter against h1b visa rules
H1B visa
अमेरिका की शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने चेताया है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से एच-1बी वीजा नियमों में किए जा रहे बदलाव से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। बिजनेस राउंड टेबल संस्था ने होमलैंड सुरक्षा विभाग के सचिव क्रिस्टन नीलसन को पत्र लिखकर कहा है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव से कामगारों की संख्या में कमी आएगी। इसका देश की आर्थिक वृद्धि पर बुरा असर पड़ेगा।
विज्ञापन


इन लोगों ने किए हस्ताक्षर 

पत्र पर एप्पल के सीईओ टिम कुक, जेपी मोर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन, कोका कोला के जेम्स क्वीनी और आईबीएम के गिनी रोमेटी समेत 59 शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने हस्ताक्षर किए हैं। आव्रजन नीति में बदलाव के कारण अमेरिका में एच-1 बी वीजा पर काम करने वाले पांच लाख भारतीय अपने भविष्य को लेकर आशंकाओं में घिर गए हैं।
विज्ञापन

 
वाशिंगटन की संस्था बिजनेस राउंड टेबल से अमेरिका की ज्यादातर कंपनियों के शीर्ष अधिकारी जुड़े हैं। संस्था ने कहा कि अगर सरकार बिना स्पष्टीकरण के कामगारों को तत्काल देश छोड़ने के लिए मजबूर करती है तो इनमें कई लोग बिना नोटिस के किसी भी समय अपने परिवारों के साथ दूसरे देश में जाकर बस जाएंगे। कामगारों की कमी के चलते नौकरियों में रिक्तियों की संख्या ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच रही है। लिहाजा यह समय कुशल कर्मचारियों की पहुंच को सीमित करने के लिए उपयुक्त नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों में बढ़ गई है बेचैनी

पत्र में लिखा है कि फिलहाल सरकार आव्रजन नियमों की समीक्षा कर रही है। पेप्सिको की चेयरमैन व सीईओ इंद्रा नूई, मास्टरकार्ड के अध्यक्ष व सीईओ अजय बंगा और सिस्को सिस्टम्स के चेयरमैन व सीईओ चक रोबिंस ने पत्र में कहा है कि आव्रजन नीति में अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों में बेचैनी है। हम चाहते हैं कि सरकार एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव करने से बचे ताकि यहां रह रहे कामगारों को परेशानी नहीं हो। 

ट्रंप ने कहा था, अमेरिकी नागरिकों को देंगे प्राथमिकता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकाल संभालते ही साफ कर दिया था कि उनका प्रशासन नौकरियों में अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देगा। ट्रंप के फैसले से पांच लाख भारतीयों को झटका लगा था, जो एच-1 बी वीजा पर वहां काम कर रहे हैं। एच-1 बी वीजा के तहत ही अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता श्रेणी में किसी विदेशी कामगारों को वीजा देती हैं।  

59 में 46 कंपनियां हैं लिस्टेड

ceo of 59 companies in usa writes letter against h1b visa rules
एच1 बी विजा - फोटो : self
पत्र लिखने वाली 59 कंपनियों में से 46 लिस्टेड कंपनियां हैं, जिनका मार्केट कैप करीब 400 लाख करोड़ रुपये है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियां अस्पष्ट हैं, जो विकास के लिए सही नहीं है।

ये प्रमुख कंपनियां

कंपनी                       मार्केट कैप (लाख करोड़ रुपये) 
एप्पल                             72.71 
जेपी मॉर्गन                      26.95 
जे एंड जे                        25.34 
वीसा आईएनसी               22.40 
बीओए                           21.60 
एटीएंडटी                       16.57 
सिस्को                           15.19 
मास्टरकार्ड                     15.16 
कोका-कोला                   13.58 
पेप्सीको                         11.06 
ये भी: अमेरिकन एक्सप्रेस अमेरिकन एयरलाइंस बोस्टन कंस्लटिंग ग्रुप  एचपी मैरियट इंटरनेशनल आदि। 

हर साल 65 हजार लोग पहुंच रहे यूएस

2016-17 में 74.2 फीसदी और 2017-18 में 75.6 फीसदी एच1बी वीजा भारतीयों को मिले। दूसरे नंबर पर चीन को क्रमश: 9.3 फीसदी और 9.4 फीसदी वीजा मिले थे। 2016 में एच1बी वीजा वाले 2,56,226 भारतीय अमेरिका में रह रहे थे, 2017 में 2,76,423 हो गए।  नेशनल एकेडमिक्स ऑफ साइंस और इंजीनियरिंग एंड मेडिसिन के अनुसार, 2015 से 2016 तक इमिग्रेंट्स ने इकोनॉमी में 140 लाख करोड़ रु. का योगदान दिया। यह अमेरिका की जीडीपी का 11 फीसदी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed