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Onion: प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए 'कांदा एक्सप्रेस', 35 रुपये किलो के भाव पर मिलेगा प्याज

Mon, 24 Aug 2026 07:09 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 24 Aug 2026 07:09 PM IST
सार

सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' रेक से आपूर्ति शुरू की। उपभोक्ता मामले सचिव निधि खरे ने बताया कि बफर प्याज भंडार को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर पांच प्रमुख खपत केंद्रों में बेचा जाएगा।
 

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Govt getting onion supplies via 'Kanda Express' rakes to cool prices
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि सरकार देशभर में प्याज की कीमतों पर कड़ी नजर रख रही है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को अनावश्यक मूल्य वृद्धि से बचाना है। आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए प्याज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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वर्ष 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है। सरकार के पास पर्याप्त बफर भंडार भी मौजूद है। इसका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप के लिए किया जा सकता है। सरकार की मूल्य स्थिरीकरण नीति उपभोक्ताओं और किसानों दोनों के हितों को संतुलित करती है। उपभोक्ताओं को अत्यधिक कीमतों से बचाया जा रहा है। साथ ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा रहा है। अगस्त और सितंबर में प्याज की कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव आम बात है। यह त्योहारी मांग, मौसम और आपूर्ति शृंखला में बदलाव के कारण होता है।

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क्या है सरकार की रणनीति?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंडियों में पर्याप्त प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। बड़े उपभोग केंद्रों में लक्षित खुदरा बिक्री भी कीमतों को नियंत्रित रखने में सहायक है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बफर भंडार से प्याज की निकासी संतुलित और चरणबद्ध तरीके से हो रही है। विभिन्न राज्यों में कीमतों और बाजार की परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जा रही है। बाजार की जरूरत के अनुसार प्याज की मात्रा, समय और गंतव्य तय किए जा रहे हैं।

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'कांदा एक्सप्रेस' कैसे कर रही मदद?

प्याज की आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार 'कांदा एक्सप्रेस' पहल का उपयोग कर रही है। इस योजना के तहत रेलवे के डिब्बों के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्याज का परिवहन होता है। इससे संभार-तंत्र लागत कम होती है और देशभर में आपूर्ति तेज होती है। 2024-25 में इस पहल के तहत 14 रेलवे के डिब्बों से लगभग 12,000 मीट्रिक टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। 2025-26 में कार्यक्रम का विस्तार हुआ, जिसमें 86 रेलवे के डिब्बों से करीब 88,000 मीट्रिक टन प्याज 16 प्रमुख शहरों तक भेजा गया।

आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?

पिछले वर्ष के सकारात्मक अनुभव को देखते हुए 24 अगस्त से नासिक से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की ढुलाई फिर शुरू कर दी गई है। बफर भंडार की बिक्री भी दोबारा शुरू हुई है। शुरुआती चरण में यह पहल चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे पांच बड़े उपभोग केंद्रों को शामिल करेगी। बाजार की जरूरत के अनुसार आगे अन्य शहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। कीमतों और आपूर्ति की स्थिति पर निरंतर निगरानी जारी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त हस्तक्षेप भी किए जाएंगे।

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