The Bonus Market Update: शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव; सेंसेक्स 172 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 172 अंक और निफ्टी 33 अंक नीचे बंद हुए। जानें बाजार की चाल और प्रमुख शेयरों का हाल।
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सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 172 अंक नीचे बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 भी 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। दिनभर के कारोबार के बाद निवेशकों में थोड़ी चिंता देखने को मिली।
बाजार बंद होते समय सेंसेक्स 171.72 अंक की गिरावट के साथ 77,369.11 पर पहुंच गया। निफ्टी 50 में भी 32.96 अंक की कमी आई और यह 24,219.05 पर बंद हुआ। यह गिरावट कुल मिलाकर 0.22 फीसदी और 0.14 फीसदी रही। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का असर हो सकता है। कई प्रमुख शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया।
क्या रही बाजार की चाल और प्रमुख शेयरों का हाल?
सोमवार को बाजार की शुरुआत मिली-जुली रही, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर पर कारोबार समाप्त किया। निफ्टी 50 भी अपने शुरुआती लाभ को बरकरार नहीं रख पाया। एसबीआई लाइफ और बजाज फिन जैसे बड़े शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में आई कमी ने बाजार के समग्र प्रदर्शन को प्रभावित किया। निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली करना पसंद किया। यह दिखाता है कि बड़े शेयरों में भी अस्थिरता बनी हुई है।
ब्रॉडर बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा?
ब्रॉडर बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। यह छोटे शेयरों में निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। हालांकि, निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। यह मध्यम आकार की कंपनियों में कुछ हद तक स्थिरता का संकेत देता है। ब्रॉडर बाजार का यह मिश्रित प्रदर्शन बताता है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
बाजार में गिरावट के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। हाल की तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली एक मुख्य वजह मानी जा रही है। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत भी भारतीय बाजार पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, आने वाले समय में मुद्रास्फीति और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं भी निवेशकों को सतर्क कर रही हैं। भू-राजनीतिक तनाव या किसी बड़ी आर्थिक घोषणा का इंतजार भी बाजार को प्रभावित कर सकता है। निवेशक अब आगे के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।