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वंदे भारत रेल परियोजना में शामिल चीनी कंपनियों को हटाने के लिए कैट ने सरकार को लिखा पत्र
Sat, 11 Jul 2020 07:04 PM IST
Rajeev Rai
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 11 Jul 2020 07:04 PM IST
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भारत-चीन सीमा विवाद के बाद देशभर में लगातार चीन और उसके सामानों का बहिष्कार हो रहा है। उधर केंद्र सरकार ने भी इस पहल के तहत सबसे पहले 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने के बाद रेल से लेकर सड़क तक की परियोजनाओं से चीनी कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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हालांकि देश में अभी भी कई परियोजनाएं हैं जिसमें चीनी कंपनियों शामिल हैं। इसी कड़ी में पीएम मोदी की महत्वकांक्षी वंदे भारत रेल परियोजना को लेकर भी चीनी कंपनियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। यही कारण है कि कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने शनिवार को इस बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है।
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चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अपने राष्ट्रीय अभियान ‘भारतीय सामान, हमारा अभिमान’ के तहत व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार से मांग की है कि भारतीय रेलवे की अर्ध-उच्च गति स्वदेशी ट्रेन-18 परियोजना के लिए वैश्विक निविदा में चीन के स्वामित्व वाली कंपनी सीआरआरसी कॉरपोरेशन को भाग नहीं लेने दिया जाए।
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गौरतलब है कि देश में 44 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए इस परियोजना का कुल मूल्य 1,500 करोड़ रूपये से अधिक है।
गोयल को लिखे पत्र में कैट के महासचिव प्रवीण खंडलेवाल ने कहा कि चीन की कंपनी सीआरआरसी कॉरपोरेशन गुरुग्राम की एक कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम में इन रेलों की प्रणोदन प्रणाली या इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के ठेके खरीद के लिए निविदा पेश करने वाली छह कंपनियों में एक है।
कैट ने कहा है कि भारतीय रेलवे की यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया के आह्वान का एक हिस्सा है, इसलिए इस तथ्य और वर्तमान में चल रही परिस्थितियों को देखते हुए चीनी कंपनी को इस परियोजना में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पत्र में कहा गया है कि रेल मंत्रालय को इस परियोजना के लिए भारतीय कंपनियों पर ही जोर देना चाहिए।