मजदूरों को अब चेक या ऑनलाइन मिलेगा पेमेंट, सरकार ने बनाया कानून
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यह विधेयक अभी हाल में बजट सत्र में पास हुआ था। इस कानून के बन जाने के बाद देश में मौजूद सभी कंपनियों और औद्योगिक इकाईयों को अपने यहां पर काम करने वाले मजदूरों को चेक या फिर ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए मजदूरी देना अनिवार्य हो जाएगा।
पुराने कानून की जगह लेगा नया कानून
यह नया कानून पहले से लागू पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट, 1936 की जगह लेगा जिसमें सभी तरह की मजदूरी का भुगतान सिक्कों या फिर करेंसी नोट में करने के लिए कहा गया था। पुराने कानून को संशोधित करने से पहले राष्ट्रपति ने 28 दिसंबर, 2016 को एक अध्यादेश पर अपने हस्ताक्षर किए थे।
दो दिन में संसद से पास हो गया था बिल
सरकार ने इस बिल को 3 फरवरी को पेश किया था, जिसे लोकसभा ने 7 फरवरी को और राज्यसभा ने 8 फरवरी को पास कर दिया था। चूंकि अभी सदन नहीं चल रहा है और इसको लेकर के निर्णय जल्द लेना था, इसलिए राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर तुरंत हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब इस कानून के बन जाने के बाद सभी कंपनियों और औद्योगिक इकाईयों के लिए उनके यहां पर काम करने वाले मजदूरों के लिए बैंक खाता खुलवाना अनिवार्य हो जाएगा।