Venezuela Oil: भारत को तेल की आपूर्ति करने को तैयार हुआ वेनेजुएला, पेट्रोलियम सचिव ने दी यह जानकारी
Venezuela Oil: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत वेनेजुएला का तेल खरीदेगा, यह कहते हुए कि भारतीय रिफाइनरियां दक्षिण अफ्रीकी देश से भारी तेल का प्रसंस्करण करने में सक्षम हैं। पुरी ने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि नई दिल्ली किसी भी ऐसे देश के साथ तेल आयात फिर से शुरू करने की इच्छुक है, जिस पर प्रतिबंध नहीं है।
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पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन ने बताया है कि वेनेजुएला लंबित लाभांश के बदले ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) को कच्चे तेल की आपूर्ति करने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा, "वे ओवीएल के बकाया के बदले हमें कुछ तेल देने पर सहमत हो गए हैं। पेट्रोलियम सचिव ने कहा, 'हम तारीखें बताए जाने का इंतजार कर रहे हैं।" अमेरिका की ओर से अक्टूबर में वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर प्रतिबंधों में ढील देने के बाद यह एलान किया गया है। मादुरो के 2018 में फिर से चुने जाने के बाद उनकी सरकार को दंडित करने के लिए ये प्रतिबंध लगाए गए थे।
#WATCH | Delhi: Union Minister Hardeep Singh Puri says, "In the South Asian countries, the prices of petrol and diesel increased by around 40-80%. If you look at the Western industrialized world, the prices have gone up there...but here prices have come down. We are able to do it… pic.twitter.com/CwzzqO3neU
— ANI (@ANI) January 3, 2024विज्ञापन
क्रूड में स्थिरता पर ही पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे...
वहीं, क्रूड की कीमतों में नरमी के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने की संभावना पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, वैश्विक बाजार इस समय बेहद अशांत है। किसी भी कटौती से पहले इसे स्थिर होना होगा। 21 महीने से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। पुरी ने कहा, कीमतों में कटौती को लेकर तेल कंपनियों से कोई चर्चा नहीं हुई है। कंपनियां ईंधन मूल्य निर्धारण के बारे में फैसला खुद करती हैं।
इथेनॉल मिश्रण से बचाए 24,300 करोड़
पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से भारत ने 2022-23 में विदेशी विनिमय के रूप में 24,300 करोड़ बचाए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने 509 करोड़ लीटर पेट्रोल बचाया है। पूरी ने कहा, रूस से तेल खरीदने में भुगतान की कोई समस्या नहीं है। खरीद में हालिया गिरावट रूस की ओर से दी जाने वाली कम छूट का नतीजा है।
इससे पहले, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत वेनेजुएला का तेल खरीदेगा, यह कहते हुए कि भारतीय रिफाइनरियां दक्षिण अफ्रीकी देश से भारी तेल का प्रसंस्करण करने में सक्षम हैं। पुरी ने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि नई दिल्ली किसी भी ऐसे देश के साथ तेल आयात फिर से शुरू करने की इच्छुक है, जिस पर प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा, "भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। पारादीप सहित हमारी कई रिफाइनरियां वेनेजुएला से आने वाले भारी तेल का प्रसंस्करण करने में सक्षम हैं। हम किसी के साथ भी तेल आयात फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं, जिस पर प्रतिबंध नहीं है।"
उन्होंने कहा, 'हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हम प्रतिदिन 50 लाख बैरल कच्चे तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं, और यह आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है। अगर वेनेजुएला का तेल बाजार में आता है तो हम इसका स्वागत करेंगे।" भारत ने आखिरी बार 2020 में वेनेजुएला के कच्चे तेल का आयात किया था जब अमेरिका ने देश पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाए थे।
अमेरिका ने मादुरो के 2018 के पुन: निर्वाचन के बाद उनकी सरकार को दंडित करने के लिए वेनेजुएला पर कठोर प्रतिबंध लगाए थे। दक्षिण अमेरिकी देश जल्द ही 1 मिलियन बीपीडी तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ कच्चे तेल के लगभग 8,50,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) का उत्पादन कर रहा है।
भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। इसने अपने ऊर्जा परिदृश्य को नया रूप देने के लिए एक रणनीतिक यात्रा शुरू की है। विदेशी तेल पर बहुत अधिक निर्भर राष्ट्र के रूप में, जो अपनी जरूरतों का 80 प्रतिशत से अधिक तेल आयात करता है। भारत का लक्ष्य अपने कच्चे तेल के आयात बिल को कम करना और अपनी रिफाइनिंग क्षमताओं को बढ़ाना है।
वेनेजुएला, वैश्विक तेल उद्योग में एक ऐतिहासिक खिलाड़ी है और 1914 से तेल का उत्पादन कर रहा है। 2016 तक 299,953,000,000 बैरल के तेल भंडार के साथ, वेनेजुएला तेल भंडार के दुनिया के अग्रणी धारकों में से एक है, जो दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग 18.2 प्रतिशत है। भारत, अपने तेल स्रोतों में विविधता लाने और अपनी शोधन क्षमताओं को मजबूत करने के अवसरों की तलाश कर रहा है और वेनेजुएला के साथ सहयोग और साझेदारी की तलाश कर रहा है।