फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Vegetable Price: After onion-tomato, green vegetables also turned red, prices are increasing due to this?

Vegetable Price: प्याज-टमाटर के बाद हरी सब्जियां भी हुई लाल, धनिया-लहसुन 100 के पार; इस वजह से बढ़ रहे दाम?

Tue, 01 Oct 2024 05:17 PM IST
कुमार विवेक डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 01 Oct 2024 05:17 PM IST
सार

Vegetable Price: बाजार में धनिया 200 से 300 रुपए, लहसुन 300 से 400 रुपए, मेथी 200 से 250 रुपए, हरा मटर 200 से 240 रुपए प्रति किलो के भाव से फुटकर में बेचा जा रहा है। इसी तरह हरी मिर्च, गोभी, सेमी, पालक, परमल 60 से 80 रुपए प्रति किलो के दाम पर बिक रहे हैं।

विज्ञापन
Vegetable Price: After onion-tomato, green vegetables also turned red, prices are increasing due to this?
सब्जिों की कीमतें - फोटो : amarujala.com

विस्तार

नई दिल्ली। देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आम आदमी को महंगाई का झटका लगने जा रहा है। एक तरफ जहां एलपीजी गैस सिलेंडर के कीमतों में इजाफा हुआ हैं। वहीं दूसरी तरफ मंडियों में हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मंडियों में प्याज, टमाटर के साथ ही अब धनिया, शिमला मिर्च, पालक और लौकी जैसी सामान्य सब्जियों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।

विज्ञापन


इन दिनों हरा धनिया 200 से 300 रुपए, लहसुन 300 से 400 रुपए, मेथी 200 से 250 रुपए, हरा मटर 200 से 240 रुपए प्रति किलो के भाव से फुटकर में बेचा जा रहा है। इसी तरह हरी मिर्च, गोभी, सेमी, पालक, परमल 60 से 80 रुपए प्रति किलो के दाम पर बिक रहे हैं। जबकि आलू, प्याज व टमाटर में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं बाजार में टमाटर के दाम अभी भी 50 से 60 रुपए प्रति किलों और प्याज के दाम 60 से 70 रुपए प्रति किलों बने हुए है।
विज्ञापन


दरअसल, बरसात के मौसम में सब्जियों की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं क्योंकि बारिश की वजह से कटाई, तुड़वाई और पैकेजिंग प्रभावित होती है। इसके अलावा, परिवहन में व्यवधान के कारण सब्जियों की बर्बादी बढ़ जाती है। इससे कीमतों पर और असर पड़ता है। इस साल भीषण गर्मी ने भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एशिया की सबसे बड़ी सब्जी और फल थोक मंडी आजादपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि, पिछले एक महीने में सब्जियों की कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि इसकी खेती होने वाले इलाकों में अत्यधिक बारिश ने फसलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। पिछले दो हफ्तों से मंडी में आवक कम हुई है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है।

महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के मद्देनजर यह उछाल नजर आ रहा है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार बारिश की नई सब्जियां आने के बाद आवक बढ़ने पर भाव में गिरावट की संभावना की जा सकती है।


हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि, खरीफ टमाटर की बुआई आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पिछले साल की तुलना में पिछड़ रही है। महाराष्ट्र में टमाटर में कीटों और बीमारियों की समस्या अधिक है, जिससे आपूर्ति में कमी आई है। चूंकि खुदरा और थोक बाजारों में टमाटर की कीमतें बढ़ने लगी है, इसलिए सरकार मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जी बेचकर हस्तक्षेप कर सकती है, जैसा कि पिछले महीने किया गया था। हाल ही में उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने भी कहा था कि हम कीमतों पर नजर रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेंगे।

सब्जियों की कीमतें एक नजर में

सब्जी थोक (रुपये) खुदरा (रुपये)
आलू 26—28 35—40
प्याज 48—50 60—70
टमाटर 40—50 50—60
हरा धनिया 150—200 200—300
हरी मिर्च 40—45 60—80
अदरक 40—50 90—150
लहसुन 250—300 300—400
फूल गोभी 35—40 60—80
लौकी 25—30 40—50

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed