हर महीने सात करोड़ की कमाई कर रही है वंदे भारत एक्सप्रेस
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देश की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन, वंदे भारत एक्सप्रेस, हर महीने सात करोड़ रुपये की कमाई कर रही है। रेलवे को इसकी कमाई से ऐसा अनुमान है कि यह ट्रेन 15 महीने में अपनी पूरी लागत को वसूल कर लेगी। इस ट्रेन को इसी साल 15 फरवरी से शुरू किया गया था।
100 करोड़ का आया था खर्च
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सीआईआई द्वारा आयोजित एक समारोह में रेलवे बोर्ड के सदस्य राजेश अग्रवाल ने कहा कि ट्रेन 18 (वंदे भारत एक्सप्रेस) को तैयार करने 100 करोड़ रुपये का खर्च आया था। फिलहाल ट्रेन की सभी सींटे आगामी कई दिनों के लिए फुल हैं।
यह ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच हफ्ते में पांच दिन चलती है।
नहीं मिलती है सब्सिडी
इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को किसी तरह की कोई सब्सिडी नहीं मिलती है। वहीं अन्य ट्रेनों के मुकाबले इसका किराया भी ज्यादा है। अब वो लोग भी इस ट्रेन से सफर कर रहे हैं, जो पहले ट्रेन से आना-जाना पसंद नहीं करते थे।
पूरी गति से नहीं दौड़ रही ट्रेन
अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल ट्रेन अपनी अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नहीं दौड़ रही है। इसके पीछे ट्रैक और अन्य कारक जिम्मेदार हैं।
दूसरा रेक मिला
भारतीय रेलवे को वंदे भारत का दूसरा रेक मिल गया है, जिसको भी इसी रूट पर चलाया जाएगा। इससे यह ट्रेन हफ्ते के सातों दिन चल सकेगी। दूसरे रेक को भी चेन्नई स्थित आईसीएफ में तैयार किया गया है। अब तीसरा रेक रेलवे को 2020 के मध्य में मिलने की उम्मीद है।