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US Finance Dept: ट्रेजरी विभाग बोला- राष्ट्रीय ऋण रिकॉर्ड 37 ट्रिलियन डॉलर हुआ; ट्रंप के टैरिफ से राजस्व बढ़ा

Wed, 13 Aug 2025 03:41 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 13 Aug 2025 03:41 AM IST
सार

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी सरकार का सकल राष्ट्रीय ऋण अब 37 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो अब तक सबसे ज्यादा है। यह दर्शाता है कि अमेरिकी सरकार पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और इसका बोझ करदाताओं पर भी पड़ेगा। 

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US National Debt Record 37 trillion USD Prez Donald Trump Treasury Dept report hindi news updates
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

अमेरिकी सरकार का सकल राष्ट्रीय ऋण अब 37 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो अब तक सबसे ज्यादा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की नई रिपोर्ट के मुताबिक, यह रिकॉर्ड इस हफ्ते बना है। यह दर्शाता है कि अमेरिकी सरकार पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और इसका बोझ करदाताओं पर भी पड़ेगा। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से रिकॉर्ड आय प्राप्त करने के बावजूद, इस वित्तीय वर्ष में जुलाई में अमेरिकी बजट घाटा पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसदी बढ़ गया है। 

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ट्रेजरी विभाग की मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को जारी रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय कर्ज पूर्वानुमानों की तुलना में कई साल पहले 37 ट्रिलियन डॉलर अधिक हो गया है। कांग्रेस के बजट कार्यालय ने जनवरी 2020 में अनुमान लगाया था कि यह आंकड़ा वित्तीय वर्ष 2030 के बाद ही पार होगा, लेकिन 2020 में शुरू हुई कोरोना महामारी के बाद हालात बदल गए। महामारी के दौरान, अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार ने अपेक्षा से अधिक कर्ज लिया। यह कर्ज उस समय के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फिर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में लिया गया। 
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ट्रंप के कर कटौती और व्यय विधेयक से और कर्ज बढ़ने की संभावना
अब, इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपब्लिकन के कर कटौती और व्यय विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बाद, अधिक सरकारी खर्च को मंजूरी दे दी गई है। कांग्रेस के बजट कार्यालय के अनुमानों के अनुसार, इस कानून से अगले 10 वर्षों में राष्ट्रीय कर्ज में 4.1 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि होने की संभावना है। 
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ज्यादा उधार लेने से बढ़ती हैं ब्याज दरें: पीटरसन 
पीटरसन जी. फाउंडेशन के अध्यक्ष और सीईओ माइकल पीटरसन ने कहा कि इतना ज्यादा उधार लेने से ब्याज दरें बढ़ती हैं, जिससे हर किसी की लागत बढ़ती है और निजी कंपनियों के पास निवेश करने के लिए कम पैसा बचता है। इससे सरकार का बजट भी दबाव में आता है और कर्ज पर ब्याज चुकाने के लिए और भी उधार लेना पड़ता है।

खर्च और राजस्व नीति को गति देने में कांग्रेस की प्रमुख भूमिका
ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की आर्थिक अध्ययन की वरिष्ठ फेलो वेंडी एडेलबर्ग ने कहा कि खर्च और राजस्व नीति को गति देने में कांग्रेस की प्रमुख भूमिका है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन के कर कानून का मतलब है कि हम 2026 और 2027 के दौरान बहुत अधिक उधार लेंगे, और यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। 

लोगों पर पड़ेगा सरकारी कर्ज का सीधा असर
सरकारी जवाबदेही कार्यालय (जीएओ) ने अमेरिकियों पर बढ़ते सरकारी कर्ज के कुछ प्रभावों की रूपरेखा तैयार की है। इस कर्ज का असर लोगों पर सीधा पड़ेगा। जैसे घर और कार के लोन महंगे होंगे, कंपनियों के पास निवेश के लिए कम पैसा होगा, जिससे वेतन कम रह सकते हैं। इसके अलावा, सामान और सेवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। 

हर 5 महीने में कर्ज में 1 ट्रिलियन डॉलर की हो रही वृद्धि
पीटरसन बताते हैं कि कैसे कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। पीटरसन के अनुसार, जनवरी 2024 में अमेरिका का कर्ज 34 ट्रिलियन डॉलर था, जो जुलाई 2024 में बढ़कर 35 ट्रिलियन डॉलर हो गया। वहीं, यह कर्ज नवंबर 2024 में बढ़कर 36 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। पीटरसन ने कहा, हर 5 महीने में कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ रहा है। यह पिछले 25 साल की औसत रफ्तार से दोगुने से भी ज्यादा है। संयुक्त आर्थिक समिति का अनुमान है कि वर्तमान औसत दैनिक विकास दर के अनुसार, करीब 173 दिनों में इसमें 1 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ जाएगा।


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जुलाई में अमेरिकी बजट घाटा 20 फीसदी बढ़ा
मंगलवार को जारी ट्रेजरी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से रिकॉर्ड आय प्राप्त करने के बावजूद, इस वित्तीय वर्ष में जुलाई में अमेरिकी बजट घाटा पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसदी बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में अमेरिका के सीमा शुल्क राजस्व में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 273 फीसदी या 21 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हुई। नाम न छापने की शर्त पर एक ट्रेजरी अधिकारी ने कहा कि कुल मिलाकर खर्च में वृद्धि आंशिक रूप से विभिन्न खर्चों के कारण हुई है, जिसमें सार्वजनिक ऋण पर बढ़ते ब्याज भुगतान और सामाजिक सुरक्षा भुगतानों में जीवन-यापन की बढ़ती लागत, अन्य लागतें शामिल हैं। 

ट्रंप भले ही आयात करों में बढ़ोतरी के कारण अमेरिका के समृद्ध होने की बात करते हों, लेकिन हकीकत ये है कि संघीय खर्च सरकार की कमाई से ज्यादा है। भविष्य में हो सकता है कि टैरिफ से कमाई थोड़ी और बढ़ें, जब कंपनियां पुराने स्टॉक खत्म करके नए आयात करें। लेकिन घाटे में बड़ी कमी आने की संभावना कम है। अगर टैरिफ से ट्रंप का वादा पूरा नहीं होता, तो अमेरिकियों को नौकरी के कम अवसर मिलेंगे। महंगाई का दबाव बढ़ेगा और घर, गाड़ी व क्रेडिट कार्ड पर ऊंची ब्याज दरों का सामना करना पड़ सकता है। 

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