एजुकेशन: भारतीय MBBS छात्रों के लिए हॉटस्पॉट बनी बिश्केक की एविसेना यूनिवर्सिटी, मिल रहीं ये सुविधाएं
भारतीय छात्रों का झुकाव अब किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच बिश्केक की एविसेना इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी (AIMU) भारतीय MBBS छात्रों के बीच एक नए हॉटस्पॉट के रूप में उभरी है।
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विदेश में मेडिकल एजुकेशन हासिल करने का चलन भारत में तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच भारतीय छात्रों का झुकाव अब किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच बिश्केक की एविसेना इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी (AIMU) भारतीय MBBS छात्रों के बीच एक नए हॉटस्पॉट के रूप में उभरी है। इस यूनिवर्सिटी को लेकर भारतीय छात्रों का आकर्षण इसी बात से पता चलता है कि, इस समय यहां पढ़ रहे 1,600 से अधिक विदेशी छात्रों में से 780 से अधिक छात्र भारत से हैं। अब तक AIMU से तीन भारतीय बैच स्नातक हो चुके हैं। इन छात्रों को भारत में मेडिकल रजिस्ट्रेशन भी मिल चुका है।
भारतीय मॉडल के अनुकूल शिक्षा
भारतीय छात्रों के आकर्षण का सबसे प्रमुख कारण यूनिवर्सिटी का भारत से गहरा संबंध है। इस यूनिवर्सिटी का संचालन भारतीय मूल के संस्थापक द्वारा किया जा रहा है, और इसकी पूरी शैक्षणिक व प्रशासनिक संरचना भारतीय शिक्षा मॉडल के अनुकूल तैयार की गई है। यह यूनिवर्सिटी भारतीय मेडिकल काउंसिल (NMC) के नए दिशानिर्देशों के अनुरूप है और वैश्विक मेडिकल संगठनों से भी इसे मान्यता प्राप्त है।
बिजनेस फ्रेंडली मेडिकल डेस्टिनेशन
AIMU के लिए सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती शिक्षा और सुविधाओं से लैस परिसर है। यहां पर MBBS का कार्यक्रम 5।5 साल का है, जिसमें क्लिनिकल रोटेटिंग इंटर्नशिप (CRMI) शामिल है। यह भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी है। किर्गिस्तान में होने के बावजूद भी पूरे कोर्स को अंग्रेज़ी मीडियम में पढ़ाया जाता है, ऐसे में मध्य एशिया में पढ़ने के बावजूद भारतीय छात्रों को भाषा की कोई बाधा नहीं आती। इसके साथ ही AIMU को ECFMG (अमेरिका), WFME, GMC (UK), AMC (ऑस्ट्रेलिया) और MCC (कनाडा) जैसी संस्थाओं से भी मान्यता प्राप्त है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है।
बेजोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट सिस्टम
AIMU का इंफ्रास्ट्रक्चर मेडिकल स्टूडेंट्स की सभी जरूरतों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। इसमें अत्याधुनिक हॉस्पिटल, क्लिनिकल लैब्स, और सिमुलेशन टेक्नोलॉजी से लैस प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की व्यवस्था है। AIMU के मुताबिक यूनिवर्सिटी का कोर्स ढांचा भारतीय NEXT/FMGE परीक्षा के अनुसार तैयार किया है, जिससे छात्रों के लिए आगे की राह काफी आसान हो जाती है। FMGE/NEXT कोचिंग कैंपस के अंदर ही होती है और भारतीय फैकल्टी नियमित कक्षाएं लेती है।
होम-अवे-फ्रॉम-होम का अनुभव
यहां का हॉस्टल चौबीसों घंटे कड़ी सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा भारतीय छात्र इंडियन शेफ द्वारा तैयार भारतीय भोजन का लुत्फ ले सकते हैं। साथ ही हर छात्र के लिए हेल्पलाइन सुविधा दी गई है। यहां भारतीय त्योहारों, खेलों और सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं। ये सभी सुविधाएं छात्रों को ‘होम-अवे-फ्रॉम-होम’ अनुभव देती हैं।
क्लियर फीस स्ट्रक्चर
AIMU की फीस स्ट्रक्चर पारदर्शी है और इसमें कोई हिडन चार्ज नहीं है। यही वजह है कि मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास भारतीय परिवारों के लिए यह एक आकर्षक मेडिकल एजुकेशन हब बन रहा है। यहां भारतीय सहायता स्टाफ हर समय छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए उपलब्ध रहते हैं।
स्थानीय प्रैक्टिस का भी विकल्प
यहां मेडिकल की पढ़ाई करना इसलिए भी फायदेमंद है, क्योंकि AIMU से स्नातक करने वाले छात्रों को, अगर वे एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी कर लें, तो किर्गिस्तान में बिना किसी अतिरिक्त लाइसेंसिंग एग्जाम के प्रैक्टिस करने की अनुमति मिलती है। इस प्रकार कम लागत, हाई क्वालिटी शिक्षा, भारतीयों के अनुकूल माहौल और मजबूत अंतरराष्ट्रीय मान्यता इसे उन छात्रों के लिए खास बनाती है, जो भारत में मेडिकल सीट की कमी से जूझ रहे हैं।