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Byju: बायजू रवींद्रन को बड़ा झटका, अमेरिकी अदालत ने एक अरब डॉलर के भुगतान का आदेश दिया
Sat, 22 Nov 2025 12:20 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:20 PM IST
सार
अमेरिकी कर्जदाताओं का आरोप है कि बायजू ने लोन की शर्तों का उल्लंघन किया और करोड़ों रुपये की कर्ज की रकम को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका से बाहर ले जाया गया।
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बायजू रविंद्रन
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
अमेरिका की एक अदालत ने एडटेक कंपनी बायजूस के संस्थापक बायजू रवींद्रन को बड़ा झटका देते हुए उन्हें एक अरब डॉलर के भुगतान का आदेश दिया है। अमेरिकी अदालत ने बायजू रवींद्रन को बायजू अल्फा और अमेरिका आधारित कर्जदाता कंपनी GLAS ट्रस्ट कंपनी की याचिका के आधार पर बायजू रवींद्रन को एक अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश सुनाया। 20 नवंबर, 2025 के दिए गए फैसले के मुताबिक, डेलावेयर दिवालिया अदालत ने पाया कि रवींद्रन उसके आदेश का पालन करने में असफल रहे और कई मौकों पर टालमटोल करते रहे।
अदालत ने दिया ये निर्देश
अदालत ने प्रतिवादी बायजू रवींद्रन को अल्फा फंड्स और उससे होने वाली किसी भी कमाई, जैसे कैमशाफ्ट एलपी ब्याज, का पूरा और सही हिसाब-किताब देने का निर्देश दिया। अभी तक बायजू रवींद्रन की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बता दें कि जब रवींद्रन एडटेक फर्म थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (टीएलपीएल) का प्रबंधन संभाल रहे थे, उस वक्त उन्होंने बायजू की सहयोगी कंपनी बायजू अल्फा बनाई थी। टीएलपीएल ने बायजू अल्फा के लिए अमेरिकी कर्जदाताओं से एक अरब डॉलर का कर्ज लिया था। अमेरिकी कर्जदाताओं का आरोप है कि बायजू ने लोन की शर्तों का उल्लंघन किया और करोड़ों रुपये की कर्ज की रकम को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका से बाहर ले जाया गया।
ये भी पढ़ें- Biz Updates: 11.5 हजार टोयोटा कारें वापस, चीन से आयात पर जांच; यूपीआई अब यूरोप के टीआईपीएस सिस्टम से जुड़ा
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बायजू रवींद्रन ने अदालत में दी दलील
कर्जदाता फर्म ग्लास ट्रस्ट ने इस मामले में डेलावेयर कोर्ट में याचिका दायर की। 20 नवंबर के नए फ़ैसले के मुताबिक, कोर्ट ने पाया कि रवींद्रन को डिस्कवरी ऑर्डर के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने इसे मानने से मना कर दिया था। कोर्ट ने रवींद्रन की इस दलील को खारिज कर दिया कि GLAS Trust के पास बायजू के सभी दस्तावेजों तक पहुंच है, जिनकी उन्हें तलाश है।
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अदालत ने दिया ये निर्देश
अदालत ने प्रतिवादी बायजू रवींद्रन को अल्फा फंड्स और उससे होने वाली किसी भी कमाई, जैसे कैमशाफ्ट एलपी ब्याज, का पूरा और सही हिसाब-किताब देने का निर्देश दिया। अभी तक बायजू रवींद्रन की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बता दें कि जब रवींद्रन एडटेक फर्म थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (टीएलपीएल) का प्रबंधन संभाल रहे थे, उस वक्त उन्होंने बायजू की सहयोगी कंपनी बायजू अल्फा बनाई थी। टीएलपीएल ने बायजू अल्फा के लिए अमेरिकी कर्जदाताओं से एक अरब डॉलर का कर्ज लिया था। अमेरिकी कर्जदाताओं का आरोप है कि बायजू ने लोन की शर्तों का उल्लंघन किया और करोड़ों रुपये की कर्ज की रकम को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका से बाहर ले जाया गया।
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बायजू रवींद्रन ने अदालत में दी दलील
कर्जदाता फर्म ग्लास ट्रस्ट ने इस मामले में डेलावेयर कोर्ट में याचिका दायर की। 20 नवंबर के नए फ़ैसले के मुताबिक, कोर्ट ने पाया कि रवींद्रन को डिस्कवरी ऑर्डर के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने इसे मानने से मना कर दिया था। कोर्ट ने रवींद्रन की इस दलील को खारिज कर दिया कि GLAS Trust के पास बायजू के सभी दस्तावेजों तक पहुंच है, जिनकी उन्हें तलाश है।