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कैबिनेटः 10 हजार करोड़ खाद्य निगम की अधिकृत पूंजी, सऊदी अरब के साथ साझेदारी
Wed, 27 Nov 2019 08:52 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Wed, 27 Nov 2019 08:52 PM IST
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एफसीआई
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कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अधिकृत पूंजी को बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। इस समय निगम की अधिकृत पूंजी 3500 करोड़ रुपये है। सरकार के इस फैसले के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के इस निकाय में अतिरिक्त पूंजी डालने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। एक बयान में कहा गया है कि इस फैसले से एफसीआई को खाद्यान्नों की खरीद और उसके देश भर में वितरण में सुविधा होगी। इसके साथ ही निगम अपने कर्ज और ब्याज लागत को भी कम कर सकेगा। साथ ही खाद्य सब्सिडी में भी कमी आएगी।
एफसीआई को अपना काम करते हुए लंबे समय तक अनाज के भंडार का रखरखाव करना होता है। उसके इस काम में सरकार को वित्तपोषण उपलब्ध कराना होता है। यह काम इक्विटी पूंजी के जरिये या फिर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराकर किया जा सकता है। खाद्य निगम कानून 1964 के तहत स्थापना किये गए एफसीआई की 31 मार्च 2019 को कुल अधिकृत पूंजी 3500 करोड़ रुपये जबकि कुल चुकता पूंजी 3447.58 करोड़ रुपये थी।
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इससे रणनीतिक जुड़ाव बनाने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी और यह अर्जित किए जाने वाले लक्ष्यों और प्राप्त होने वाले लाभों को भी परिभाषित करेगा। इस प्रस्ताव का उद्देश्य लिंग, वर्ग या आय के पूर्वाग्रह के बिना सऊदी अरब के साथ बेहतर आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों से नागरिकों को लाभ पहुंचाना है। सऊदी अरब के साथ किया गया यह अनुबंध रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने, ऊर्जा सुरक्षा तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भागीदारी के नए मार्ग खोलेगा।
साथ ही कैबिनेट ने सऊदी अरब के साथ नशीली दवाइयों, मादक पदार्थों और प्रतिबंधित रसायनों की अवैध बिक्री व तस्करी को रोकने के लिए समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी। इससे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। इसके तहत नशीली दवाइयों के उत्पादकों, तस्करों एवं अवैध विक्रेताओं की संदिग्ध गतिविधियों, आग्रह करने पर एनडीपीसी की अवैध बिक्री के विवरण और नशीली दवाइयों से संबंधित आरोप में गिरफ्तार विक्रेताओं के वित्तीय हालात से संबंधित जानकारियां साझा करने का प्रावधान है। गिरफ्तार दूसरे देश के नागरिकों के विवरण के साथ अधिसूचित करने और दूतावास संबंधी मदद मुहैया कराने का भी प्रावधान है।
- कैबिनेटने मानव तस्करी रोकने, पीड़ितों को छुड़ाने और उन्हें स्वदेश भेजने के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर भारत और म्यांमार के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी है।
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एफसीआई को अपना काम करते हुए लंबे समय तक अनाज के भंडार का रखरखाव करना होता है। उसके इस काम में सरकार को वित्तपोषण उपलब्ध कराना होता है। यह काम इक्विटी पूंजी के जरिये या फिर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराकर किया जा सकता है। खाद्य निगम कानून 1964 के तहत स्थापना किये गए एफसीआई की 31 मार्च 2019 को कुल अधिकृत पूंजी 3500 करोड़ रुपये जबकि कुल चुकता पूंजी 3447.58 करोड़ रुपये थी।
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सऊदी अरब के साथ रणनीतिक साझेदारी परिषद की स्थापना को मंजूरी
कैबिनेट ने भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी परिषद की स्थापना के अनुबंध को भी मंजूरी प्रदान की। दोनों देशों के बीच इसकी स्थापना के लिए 29 अक्तूबर को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों देशों का शीर्ष नेतृत्व इस रणनीतिक भागीदारी के तहत चल रही पहल/परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने के लिए नियमित तौर पर मिलने में समर्थ होंगे।
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इससे रणनीतिक जुड़ाव बनाने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी और यह अर्जित किए जाने वाले लक्ष्यों और प्राप्त होने वाले लाभों को भी परिभाषित करेगा। इस प्रस्ताव का उद्देश्य लिंग, वर्ग या आय के पूर्वाग्रह के बिना सऊदी अरब के साथ बेहतर आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों से नागरिकों को लाभ पहुंचाना है। सऊदी अरब के साथ किया गया यह अनुबंध रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने, ऊर्जा सुरक्षा तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भागीदारी के नए मार्ग खोलेगा।
साथ ही कैबिनेट ने सऊदी अरब के साथ नशीली दवाइयों, मादक पदार्थों और प्रतिबंधित रसायनों की अवैध बिक्री व तस्करी को रोकने के लिए समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी। इससे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। इसके तहत नशीली दवाइयों के उत्पादकों, तस्करों एवं अवैध विक्रेताओं की संदिग्ध गतिविधियों, आग्रह करने पर एनडीपीसी की अवैध बिक्री के विवरण और नशीली दवाइयों से संबंधित आरोप में गिरफ्तार विक्रेताओं के वित्तीय हालात से संबंधित जानकारियां साझा करने का प्रावधान है। गिरफ्तार दूसरे देश के नागरिकों के विवरण के साथ अधिसूचित करने और दूतावास संबंधी मदद मुहैया कराने का भी प्रावधान है।
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन पर भारत के रुख को स्वीकृति
कैबिनेट ने स्पेन के मैड्रिड में 2 से 13 दिसंबर तक होने वाले जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क सम्मेलन के लिए 25वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) में भारत की बातचीत के रुख को स्वीकृति दे दी। सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे। सीओपी एक अहम सम्मेलन है जिसमें देश क्योटो प्रोटोकॉल के तहत 2020 से पहले की अवधि से निकलकर पेरिस समझौते के तहत 2020 के बाद की अवधि में प्रवेश की तैयारी करते हैं। भारत का रुख जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क सम्मेलन और पेरिस समझौते के सिद्धांतों एवं प्रावधानों खासकर स्वाभाविक न्याय के सिद्धांतों और सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियां और संबंधित क्षमता (सीबीडीआर-आरसी) से संचालित होगा।तिरुपति एयरपोर्ट पर लाउंज का होगा निर्माण
कैबिनेट ने तिरुपति एयरपोर्ट पर सेरेमोनियल लाउंज के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की 1800 वर्गमीटर भूमि एक रुपये प्रतिवर्ष के नाममात्र शुल्क पर 15 वर्ष की अवधि के लिए आंध्र प्रदेश शिक्षा एवं कल्याण अवसंरचना विकास निगम को (एपीईडब्ल्यूआईडीसी) को आवंटित करने की मंजूरी दी। तिरुपति भगवान श्री वेंकटेश्वर के मंदिर के चलते काफी प्रसिद्ध है और वीआईपी, वीवीआईपी के दौरे लगे रहते हैं। इस लाउंज के निर्माण से लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया होंगी। इसकी देखरेख एपीडब्ल्यूआईडीसी करेगा।
अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में होगी पैकेजिंग
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने जूट वर्ष 2019-20 के लिए खाद्यान्न और चीनी को अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में पैकेजिंग के नियमों के विस्तार को मंजूरी दी। सरकार ने पिछले वर्ष के सामान जूट पैकेजिंग सामग्री (जेपीएम) अधिनियम, 1987 के तहत अनिवार्य पैकेजिंग नियमों के विस्तार को बनाए रखा है। मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार 100 प्रतिशत खाद्यान्न और 20 प्रतिशत चीनी की पैकेजिंग अनिवार्य रूप से जूट की बोरियों में की जानी चाहिए। चीनी की पैकेजिंग जूट की बोरियों में करने से जूट उद्योग को लाभ मिलेगा। निर्णय में यह भी कहा गया है कि पैकेजिंग के लिए जूट बोरियों का 10 प्रतिशत जीईएम पोर्टल पर नीलामी के जरिए प्राप्त किया जाना चाहिए। इस मंजूरी से देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों विशेषकर पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, आंध्र प्रदेश, मेघालय और त्रिपुरा के किसानों और श्रमिकों को लाभ मिलेगा।इन्हें भी स्वीकृति
- कैबिनेट ने दोहरे कराधान के खात्मे तथा आय पर करों के संबंध में राजकोषीय अपवंचन तथा निवारण के लिए भारत और चिली के मध्य दोहरे कराधान निवारण अनुबंध (डीटीएए) और प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दे दी है।- कैबिनेटने मानव तस्करी रोकने, पीड़ितों को छुड़ाने और उन्हें स्वदेश भेजने के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर भारत और म्यांमार के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी है।