फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Union Budget 2021 : First Time Tablet Budget, High Hopes On Coronavirus And Farmers Agitation

देश का पहला टैब बजट: कोरोना और किसान आंदोलन की काली छाया पर भारी उम्मीदों का उजास

Tue, 02 Feb 2021 12:14 AM IST
सुरेंद्र जोशी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 02 Feb 2021 12:14 AM IST
विज्ञापन
Union Budget 2021 : First Time Tablet Budget, High Hopes On Coronavirus And Farmers Agitation
बजट 2021: करदाताओं के लिए घोषणाएं - फोटो : PTI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जादूई टैबलेट बजट-2021 से कुछ खास निकलकर सामने नहीं आ सका। वह आता भी कैसे? कोरोना महामारी व किसान आंदोलन की काली छाया के बीच वित्त मंत्री के पास किसी बड़े उलटफेर की गुंजाइश भी कम ही थी। इसके बावजूद उन्होंने 'असेट मोनेटाइजेशन' जैसे उपायों के दम पर उम्मीद का उजास फैलाने की कोशिश की है। 

विज्ञापन


नागरिकों पर कोई कर बोझ नहीं बढ़ाया तो कोई खास राहत भी नहीं दी। हां, महंगे ईंधन के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा बरकरार है। दरअसल विश्व व भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना का जो दंश झेल रही है, उसका दर्द दूर करने में अभी लंबा फासला तय करना है। कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सरकार इसमें कुछ क्रांतिकारी बदलाव ला सके, इससे पहले ही उसके प्रयास सियासत के भंवर में फंस गए हैं। 
विज्ञापन


नहीं संभल रहा राजकोषीय घाटा, 1991 के बाद के सर्वोच्च स्तर पर
देश का राजकोषीय घाटा 9.5 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। बीते करीब 10 माहों में कोरोना से निपटने व उद्योग-धंधों को महासंकट से उबारने के लिए 27 लाख करोड़ रुपये की जो छूट दी गई व पैसा खर्च किया गया उसका असर देश के बजट पर साफ दिखाई दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करों में और छूट के आसार कम ही नजर आ रहे थे। कोरोना विशेष पैकेजों के कारण सरकार का तुलन-पत्र गड़बड़ा गया है। राजकोषीय घाटा 9.5 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह 1991 में शुरू किए गए उदारीकरण के बाद से करीब 30 साल के शिखर पर पहुंच गया है।

कोरोना से पहले पिछले साल यानी 2020-21 के बजट में यह 3.5 फीसदी के मामूली स्तर पर रखा गया था। आगामी वित्त वर्ष में भी यह मामूली घटकर 6.8 फीसदी तक ही आ पाएगा, जैसा कि बजट में अनुमान जताया गया है। वह भी तब हो सकेगा जब सरकार अपनी ही संपत्तियों व परियोजनाओं को बेचकर 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटा पाएगी और कोई अप्रत्याशित खर्च या आपदा देश के माथे नहीं पड़ेगी।

शेयर बाजार इसलिए उछला

नौकरीपेशा, कारोबार व उद्योग जगत इस बजट से बहुत संतुष्ट नहीं है, लेकिन शेयर बाजार 24 साल में पहली बार बजट के दिन इतना चढ़ा। सेंसेक्स में 24 सालों में सबसे बड़ा उछाल आया और बीएसई सेंसेक्स 2314.84 अंक यानी पांच फीसदी की तेजी के साथ 48600 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 646.60 अंक (4.74 फीसदी) की बढ़त के साथ 14281.20 के स्तर पर बंद हुआ। 

निवेशकों को 5.2 लाख करोड़ का मुनाफा
केंद्रीय बजट से शेयर बाजार में जोरदार उछाल आया है। निवेशक काफी उत्साहित हुए हैं। सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में आए उछाल से इस दौरान उनको 5.2 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 191.32 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

सेंसेक्स की खुशी का सबब बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च, कृषि उपकर को छोड़ कोई नया कर नहीं लगाने, कई बड़ी कंपनियों व रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों के विनिवेश व बीमा क्षेत्र में 74 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवश जैसी घोषणाएं हैं। बाजार को उम्मीद है कि सरकार पूंजीगत व्यय बढ़ाकर बाजार में बड़े पैमाने पर धन झोंकेगी, जिससे कारोबार-रोजगार-धंधे बढ़ेंगे।

34 लाख करोड़ खर्च, 12 लाख करोड़ उधार लेंगे

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में सरकार 34.83 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। इनमें से 5.54 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय होगा। इनमें से 12 लाख करोड़ रुपये वह उधार लेगी। चालू वित्त वर्ष यानी 2020-21 में भी उसे 80 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त उधार लेकर इस साल के राजस्व घाटे की भरपाई करना पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed