Under Sea Tunnel: बुलेट ट्रेन दौड़ाने के लिए देश में समुद्र के भीतर बनेगा टनल, जानिए कैसे व कहां होगा निर्माण?
Undersea Tunnel: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत समुद्र के भीतर टनल बनाने की यह देश में अपने तरह की पहली परियोजना है। इसके निर्माण के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी 2023 की तय की गई है। रेल मंत्रालय को उम्मीद है कि वर्ष 2026 में गुजरात में 50 किलोमीटर के रूट पर बुलेट ट्रेन का पहला ट्रायल रन शुरू हो जाएगा।
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देश में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को रफ्तार देने का काम चल रहा है। इसी के तहत आने वाले कुछ वर्षों में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए देश का पहला अंडर सी टन बनाया जाएगा। समुद्र के भीतर बनने वाली इस टनल में ट्रेन 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी। इस सुरंग की लंबाई 21 किलोमीटर होगी, जिसमें सात किलोमीटर समुद्र के अंर से गंजरनेगी। नेशनल हाई स्पीलड रेलवे कॉरपोरेशन (NHSRCL) ने इसे बनाने के लिए बोलियां मंगाई है। बता दें कि कॉरपोरेशन ने पिछले वर्ष नवंबर में भी भूमिगत सुरंगों के निर्माण के लिए टेंडर निकाला था पर प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया गया था।
ब्रांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स और शिलफाटा के अंडरग्राउंड स्टेशनों को जोड़ने के लिए होगा निर्माण
इस सुरंग का निर्माण महाराष्ट्र के ठाणे जिला के ब्रांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स और शिलफाटा के अंडरग्राउंड स्टेशनों को जोड़ने केक लिए किया जाएगा। ठाणे की खाड़ी में बनने वाले इस सुरंग के निर्माण के लिए निकाले गए टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार इस सुरंग का निर्माण टनल बोरिंग मशीन और न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का इस्तेमाल करके किया जाएगा।
ब्रह्मपुत्र नदी में भी सुरंग बनाने की योजना पर हो रहा काम
बता दें कि इससे पहले दिल्ली-मुंबई रैपिड रेल ट्रांजिट परियोजना के लिए यमुना नदी में अंडर वाटर सुरंग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। पर यह संभाव नहीं हो पाया। इसके साथ ही सड़क और रेल मंत्रालय ब्रह्मपुत्र नदी में भी एक सुरंग बनाने की योजना पर काम कर रहा है। जिसका इस्तेमाल वाहनों और ट्रेनों दोनों के परिचालन के लिए किया जा सकेगा।
क्या होगी समुद्र में बनने वाली टनल की विशेषता?
एनएचएसआरसीएल के अनुसार ठाणे की खाड़ी में बनने वाली सुरंग एक सिंगल ट्यूब में की तकनीक पर आधारित होगी। इस ट्यूट के अंदर ही आने और जाने वाले दोनों ट्रैक होंगे। एनएचएसआरसीएल के अनुसार इस परियोजना में सुरंग स्थान से सटे 37 स्थानों पर 39 उपकरण कक्ष भी बनाए जाएंगे।
मुंबई में पहाड़ी से 114 मीटर नीचे होगा निर्माण
देश में समुद्र के भीतर पहली बार बनने वाले वाले टनल का निर्माण भूतल से करीब 25 से 65 मीटर नीचे किया जाएगा। इसका सबसे गहरा निर्माण स्थल मुंबई के शिलफाटा के पास पारसिक पहाड़ी से 114 मीटर नीचे होगा। इस परियोजना के लिए 13.1 मीटर व्यास के कटर हेड वाली टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
2026 तक देश में बुलेट ट्रेन दौड़ाने का है लक्ष्य
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत समुद्र के भीतर टनल बनाने की यह देश में अपने तरह की पहली परियोजना है। इसके निर्माण के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी 2023 की तय की गई है। बता दें कि रेल मंत्रालय को उम्मीद है कि वर्ष 2026 में गुजरात में 50 किलोमीटर के रूट पर बुलेट ट्रेन का पहला ट्रायल रन शुरू हो जाएगा।