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Strike: महाराष्ट्र में ई-चालान के खिलाफ ट्रक चालक हड़ताल पर; ट्रांसपोर्टर संगठन ने कहा, 'मिलाजुला असर'

Wed, 02 Jul 2025 11:54 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 02 Jul 2025 11:54 AM IST
सार

Strike: ट्रांसपोर्टर संघों की एक कार्रवाई समिति, वाहतुकदार बचाओ कृति संगठन ने हड़ताल का आह्वान किया। ट्रक चालकों ने जहां मध्य रात्रि से हड़ताल शुरू कर दी, वहीं बस संचालकों ने अगले कुछ दिनों के लिए हड़ताल में भाग लेने को स्थगित कर दिया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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Truckers go on strike against e-challans in Maharashtra; 'mixed response', says transporters' body
प्रतीकात्मक तस्वीर (एआई)। - फोटो : AI

विस्तार

महाराष्ट्र में ट्रक चालक ई-चालान प्रणाली के विरोध और अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे से पूरे राज्य में माल परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों ने यह जानकारी दी। ट्रांसपोर्टरों ने शिकायत की है कि अधिकारियों की वसूली प्रक्रिया आक्रामक हो गई है। इससे व्यापार संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है, साथ ही ई-चालान का जुर्माना बढ़ रहा है।

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ट्रांसपोर्टर संघों की एक कार्रवाई समिति, वाहतुकदार बचाओ कृति संगठन ने हड़ताल का आह्वान किया। ट्रक चालकों ने जहां मध्य रात्रि से हड़ताल शुरू कर दी, वहीं बस संचालकों ने अगले कुछ दिनों के लिए हड़ताल में भाग लेने को स्थगित कर दिया है। एक्शन कमेटी के संयोजक उदय बर्गे ने दावा किया, "हड़ताल का यह पहला दिन है, इसलिए इसे मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन दोपहर बाद स्थिति अलग होगी।"
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उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 1.5 लाख और 2 लाख ट्रक और अन्य मालवाहक वाहन सड़कों से नदारद रहेंगे। बर्गे ने दावा किया कि मुंबई के व्यापारिक केंद्र कालबादेवी में सभी ट्रक सड़कों से नदारद हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में परिवहन संघों के सदस्य ट्रांसपोर्टरों को हड़ताल में शामिल होने के लिए राजी करने के लिए "गांधीगिरी" का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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ट्रांसपोर्टरों की मांगों में ई-चालान जुर्माना की जबरन वसूली बंद करना, छह महीने से पुराने ई-चालान रद्द करना, मौजूदा जुर्माने को माफ करना, भारी वाहनों के लिए अनिवार्य क्लीनर नियम को खत्म करना और मेट्रो शहरों में नो-एंट्री समय पर पुनर्विचार करना शामिल है।

हड़ताल के आह्वान को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए मुंबई यातायात पुलिस, राजमार्ग पुलिस और मोटर वाहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ परिवहन संघों के नेताओं की एक 10 सदस्यीय समिति गठित की है। मंगलवार देर रात जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 26 जून को ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर विचार करने के लिए समिति के गठन का आश्वासन दिया।


ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर 16 जून से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उद्योग मंत्री उदय सामंत द्वारा उनके मुद्दों को हल करने के लिए बैठक बुलाने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने 24 जून को अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अगले दिन हुई बैठक में सरनाईक और सामंत ने मांगों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का वादा किया। हालांकि, ट्रांसपोर्टर छह महीने से पुराने ई-चालान वापस लेने के संबंध में राहत न मिलने का हवाला देते हुए जुलाई में हड़ताल के अपने फैसले पर अड़े रहे।

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