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Filling ITR: आईटीआर भरने का मौका अब भी बाकी, 20 दिन में फाइल करें रिटर्न; नहीं तो भरना होगा जुर्माना
Tue, 02 Sep 2025 06:40 AM IST
शुभम कुमार
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 02 Sep 2025 06:40 AM IST
सार
आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है। अब करदाताओं के पास रिटर्न फाइल करने के लिए 20 दिन से भी कम समय बचा है। तय समय सीमा तक रिटर्न न भरने पर ₹5,000 तक का जुर्माना लग सकता है। बिना ऑडिट वाले करदाताओं को तय तिथि से पहले आईटीआर भरने की सलाह दी गई है।
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आईटीआर भरने की अंतिम तारीख
- फोटो : Istock
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विस्तार
वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आईटीआर भरने का काम चल रहा है। आयकर विभाग ने इस साल करदाताओं को आईटीआर भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। आमतौर पर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई को समाप्त हो जाती है, लेकिन इस बार आईटीआर फाइलिंग के लिए डेढ़ महीने का समय और मिला है। हालांकि अब यह डेडलाइन भी करीब है और अब करदाताओं के पास 20 दिन से कम का समय बचा है। अगर आपने अभी तक आईटीआर नहीं भरा है, तो जल्दी भर दें, क्योंकि डेडलाइन बीतने के बाद इसके लिए आपको पेनाल्टी देना पड़ सकता है।
15 सितंबर तक है समय
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बिना ऑडिट वाले करदाताओं के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 15 सितंबर तक है। आयकर कानूनों के अनुसार, आयकर रिटर्न भरना सभी करदाताओं की जिम्मेदारी है। यह न केवल आयकर कानूनों का पालन करने के लिए आवश्यक है, बल्कि सभी आय स्रोतों की घोषणा, योग्य खर्चों में कटौती और आयकर विभाग को कर दायित्वों की रिपोर्टिंग के लिए भी जरूरी है। अगर आप 15 सितंबर तक आईटीआर नहीं भरते हैं, तो जुर्माने के साथ 31 दिसंबर तक देर से रिटर्न भर सकते हैं।
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देरी के लिए पेनाल्टी
देर से रिटर्न भरने पर आयकर कानून की धारा 234एफ के तहत जुर्माना लगाया जाता है। यदि आपकी कुल आय 5 लाख से ज्यादा है, तो 5,000 रुपये की पेनाल्टी लगेगी। वहीं, अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से कम है, तो यह शुल्क 1,000 रुपये होगा। यह शुल्क उन सभी करदाताओं पर लागू होता है, जो समय पर रिटर्न नहीं भरते हैं।
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देर से रिटर्न दाखिल करने के नुकसान
अगर आपको शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, संपत्ति या व्यवसाय से कोई पूंजीगत नुकसान हुआ है, तो आप इसे अगले वित्त वर्षों में अपनी आय के साथ समायोजित कर सकते हैं। आप 15 सितंबर की डेडलाइन तक आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं, तो तो इस नुकसान को आगे ले जाने की सुविधा खो देंगे। हाउस प्रॉपर्टी से होने वाले नुकसान को कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है, भले ही आयकर रिटर्न देर से भरें। अंतिम तिथि के बाद आयकर रिटर्न भरते हैं, तो आपको बकाया कर राशि पर प्रति माह या माह के हिस्से के लिए एक फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।
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15 सितंबर तक है समय
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बिना ऑडिट वाले करदाताओं के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 15 सितंबर तक है। आयकर कानूनों के अनुसार, आयकर रिटर्न भरना सभी करदाताओं की जिम्मेदारी है। यह न केवल आयकर कानूनों का पालन करने के लिए आवश्यक है, बल्कि सभी आय स्रोतों की घोषणा, योग्य खर्चों में कटौती और आयकर विभाग को कर दायित्वों की रिपोर्टिंग के लिए भी जरूरी है। अगर आप 15 सितंबर तक आईटीआर नहीं भरते हैं, तो जुर्माने के साथ 31 दिसंबर तक देर से रिटर्न भर सकते हैं।
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देरी के लिए पेनाल्टी
देर से रिटर्न भरने पर आयकर कानून की धारा 234एफ के तहत जुर्माना लगाया जाता है। यदि आपकी कुल आय 5 लाख से ज्यादा है, तो 5,000 रुपये की पेनाल्टी लगेगी। वहीं, अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से कम है, तो यह शुल्क 1,000 रुपये होगा। यह शुल्क उन सभी करदाताओं पर लागू होता है, जो समय पर रिटर्न नहीं भरते हैं।
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देर से रिटर्न दाखिल करने के नुकसान
अगर आपको शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, संपत्ति या व्यवसाय से कोई पूंजीगत नुकसान हुआ है, तो आप इसे अगले वित्त वर्षों में अपनी आय के साथ समायोजित कर सकते हैं। आप 15 सितंबर की डेडलाइन तक आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं, तो तो इस नुकसान को आगे ले जाने की सुविधा खो देंगे। हाउस प्रॉपर्टी से होने वाले नुकसान को कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है, भले ही आयकर रिटर्न देर से भरें। अंतिम तिथि के बाद आयकर रिटर्न भरते हैं, तो आपको बकाया कर राशि पर प्रति माह या माह के हिस्से के लिए एक फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।