फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   The steel sector is grappling with low prices; 150 units have stopped production, threatening the government's

Steel: कम कीमतों से जूझ रहा स्टील सेक्टर; 150 यूनिट्स ने बंद किया उत्पादन, सरकार के विस्तार लक्ष्य पर खतरा

Tue, 04 Nov 2025 02:14 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Tue, 04 Nov 2025 02:14 PM IST
सार

स्टील सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा कि कि छोटे उद्योगों के लिए स्टील की मौजूदा कीमतें एक बड़ी चुनौती बन गई हैं, खासकर ऐसे समय में जब सरकार अगले पांच से सात वर्षों में इस क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पांच साल पहले स्टील की कीमतें जरूरत से अधिक थीं, लेकिन आज ये जरूरत से कम स्तर पर हैं, जिससे बाजार में असंतुलन पैदा हो गया है।

विज्ञापन
The steel sector is grappling with low prices; 150 units have stopped production, threatening the government's
इस्पात उत्पादन - फोटो : istock

विस्तार

स्टील की कम कीमतें छोटी कंपनियों के लिए समस्या बन सकती हैं। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने यह संभावना जताई। उन्होंने कहा कि कम कीमतों के कारण करीब 150 छोटे स्टील उत्पादकों ने उत्पादन बंद कर दिया है। स्टील समिट 2025 को संबोधित करते हुए पौंड्रिक ने बताया कि पांच साल पहले स्टील की कीमतें जरूरत से अधिक थीं, लेकिन आज ये जरूरत से कम स्तर पर हैं, जिससे बाजार में असंतुलन पैदा हो गया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Vodafone: एजीआर मामले में राहत भरे निर्देश के बाद वोडाफोन के लिए अब एक और अच्छी खबर, आयकर विभाग वापस लेगा ये केस

विज्ञापन

कम कीमतें सरकार के क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य पर डाल सकती हैं असर

पौंड्रिक ने कहा कि छोटे उद्योगों के लिए मौजूदा कीमतें एक बड़ी चुनौती बन गई हैं, खासकर ऐसे समय में जब सरकार अगले पांच से सात वर्षों में स्टील क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। आपने अभी सभी कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे देखे हैं, लगभग सभी के मुनाफे में कमी आई है। लेकिन कीमत एक समस्या है, खासकर तब जब हमें अगले पांच से सात वर्षों में 100 मिलियन टन क्षमता में निवेश करने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अधिशेष उत्पादन विश्वभर के लिए समस्या

सचिव ने यह भी बताया कि विश्वभर में, विशेषकर चीन में, अधिशेष उत्पादन और उसके परिणामस्वरूप डंपिंग एक वास्तविक समस्या है, न केवल हमारे लिए, बल्कि प्रत्येक देश के लिए।

सरकार घरेलू स्टील उद्योग की कर रही सुरक्षा

पौंड्रिक ने कहा कि सरकार ने आयातित स्टील पर अस्थायी रूप से सुरक्षा शुल्क लगाया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घरेलू स्टील उद्योग को किसी समस्या का सामना न करना पड़े। अच्छी खबर यह है कि स्टील की खपत बढ़ रही है, क्षमता बढ़ रही है। बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए पिछले 10 वर्षों में नई क्षमताएं विकसित की जा रही हैं।

स्टील उद्योग एक रणनीतिक क्षेत्र है

सचिव ने कहा कि देश की दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता के लिए स्टील उद्योग को संरक्षित करने की आवश्यकता है। यह एक रणनीतिक क्षेत्र है, इस अर्थ में कि अगर आप आयात पर निर्भर हो जाते हैं, तो आपको भू-राजनीतिक कारणों से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसा कि हम आज विश्व में देख रहे हैं।

स्टील पर कुछ कंपनियों के प्रभुत्व की धारणा गलत 

इस्पात उद्योग पर 3-4 बड़ी कंपनियों के प्रभुत्व की धारणा को खारिज करते हुए पौंड्रिक ने कहा कि भारत में 47 प्रतिशत इस्पात का उत्पादन 2,200 मध्यम स्तर की इस्पात उत्पादक कंपनियों द्वारा किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed