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Sending Online Money: 'अब ऑनलाइन पैसे भेजने में गड़बड़ी नहीं'; लाभार्थी के खाते के सत्यापन की मिलेगी सुविधा
Mon, 30 Dec 2024 08:00 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 30 Dec 2024 08:00 PM IST
सार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ऑनलाइन पैसा भेजने में होने वाली गड़बड़ी पर नकेल कसने का फैसला लिया है। गड़बड़ी को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। सबसे ताजा मामला लाभार्थी को बैंक खाते के सत्यापन की सुविधा देना है।
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ऑनलाइन पैसा भेजना बनेगा आसान और सुरक्षित (प्रतीकात्मक)
- फोटो : Istock
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने में होने वाली गड़बड़ी पर अंकुश लगाने के लिए बड़ी पहल की है। आरबीआई ने राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से खास प्रणाली विकसित करने को कहा है। नई प्रणाली में आरटीजीएस और एनईएफटी माध्यमों से पैसा भेजने वाले ग्राहक बैंक खाते के नाम का सत्यापन कर सकेंगे। ऑनलाइन पैसा भेजने के दौरान लाभार्थी के खाते का सत्यापन करने की इस सुविधा के कारण गड़बड़ी की आशंका को दूर किया जा सकेगा। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल, 2025 से प्रभाव में आएगी।
RTGS और NEFT प्रणाली वाले बैंकों को देनी होगी सुविधा
आरबीआई ने सोमवार को बताया कि ‘रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट’ (आरटीजीएस) और ‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष अंतरण’ (एनईएफटी) जैसे विकल्प देने वाले बैंकों को एक अप्रैल, 2025 से पहले ग्राहकों को सत्यापन की सुविधा प्रदान करनी होगी। RTGS और NEFT प्रणाली से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े सभी बैंकों को यह सलाह दी गई है।
पैसा ट्रांसफर करने से पहले लाभार्थी के नाम का सत्यापन
वर्तमान में केवल एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के तहत पैसा भेजने वाले ग्राहकों को पैसा ट्रांसफर करने से पहले लाभार्थी के नाम का सत्यापन करने की सुविधा मिलती है।
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RTGS और NEFT प्रणाली वाले बैंकों को देनी होगी सुविधा
आरबीआई ने सोमवार को बताया कि ‘रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट’ (आरटीजीएस) और ‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष अंतरण’ (एनईएफटी) जैसे विकल्प देने वाले बैंकों को एक अप्रैल, 2025 से पहले ग्राहकों को सत्यापन की सुविधा प्रदान करनी होगी। RTGS और NEFT प्रणाली से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े सभी बैंकों को यह सलाह दी गई है।
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पैसा ट्रांसफर करने से पहले लाभार्थी के नाम का सत्यापन
वर्तमान में केवल एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के तहत पैसा भेजने वाले ग्राहकों को पैसा ट्रांसफर करने से पहले लाभार्थी के नाम का सत्यापन करने की सुविधा मिलती है।
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