फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   SEBI investigating six merchant bankers who charged several times more fees from companies in IPO

SEBI: एसएमई आईपीओ में ज्यादा फीस लेने वाले 6 मर्चेंट बैंक सेबी के रडार पर, तीन की जगह 15 फीसदी तक रकम वसूली

Wed, 25 Sep 2024 03:49 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 25 Sep 2024 03:49 AM IST
सार

हाल में छोटी एवं मझोली कंपनियों (एसएमई) के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की बाढ़ आ गई है। इन सभी का इश्यू कई गुना भरा है। उसी आधार पर निवेशकों को फायदा भी मिला है। ऐसे में इसका फायदा उठाते हुए मर्चेंट बैंकरों ने कंपनियों की जुटाई गई रकम का 15 फीसदी तक फीस वसूल लिया।

विज्ञापन
SEBI investigating six merchant bankers who charged several times more fees from companies in IPO
आईपीओ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

छोटे और मझोले आईपीओ में कंपनियों से कई गुना ज्यादा फीस वसूलने वाले छह मर्चेंट बैंकरों की सेबी जांच कर रहा है। इन सभी ने आईपीओ में भारी-भरकम बोली लगाने के नाम पर कंपनियों से उनके कुल इश्यू साइज का 15 फीसदी तक शुल्क लिया है। जबकि औसत शुल्क एक से तीन फीसदी तक होता है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि हाल में छोटी एवं मझोली कंपनियों (एसएमई) के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की बाढ़ आ गई है। इन सभी का इश्यू कई गुना भरा है। उसी आधार पर निवेशकों को फायदा भी मिला है। ऐसे में इसका फायदा उठाते हुए मर्चेंट बैंकरों ने कंपनियों की जुटाई गई रकम का 15 फीसदी तक फीस वसूल लिया।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की जांच इस साल की शुरुआत में शुरू हुई है। सेबी बार-बार निवेशकों को बाजार में पैसा लगाने को लेकर सावधान कर रहा है। एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने वाली कंपनियों को बड़ी कंपनियों की तुलना में कम जानकारी देनी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन




गठजोड़ वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश
सेबी की शुरुआती जांच से पता चला है कि आईपीओ को ओवरसब्सक्राइब करने के लिए मर्चेंट बैंकर ज्यादा शुल्क ले रहे हैं। नियामक मर्चेंट बैंकों और कुछ बड़े निवेशकों के बीच गठजोड़ वाली गतिविधि पर अंकुश लगाना चाहता है। ये निवेशक नियमों को तोड़कर हाई नेटवर्थ और खुदरा निवेशकों की कैटेगरी में खूब ज्यादा बोली लगाते हैं। ये बोलियां वास्तविक नहीं होती हैं। शेयरों के आवंटन के समय इस तरह की बोली को खारिज कर दिया जाता है। लेकिन इस वजह से अन्य निवेशक भी पैसा लगाने के लिए आकर्षित होते हैं।


पांच दर्जन से ज्यादा इन्वेस्टमेंट बैंकर
देश में 60 से अधिक इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं। ये छोटे कारोबार वाले आईपीओ के लिए काम करते हैं। एसएमई क्षेत्र भारत में आईपीओ बाजार में तेजी से आ रहा है। मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में 205 एसएमई कंपनियों ने 60 अरब रुपये जुटाए। 2022-23 में 125 कंपनियों ने 22 अरब रुपये जुटाए थे।

अप्रैल-अगस्त में 105 कंपनियों के आईपीओ
इस साल अप्रैल-अगस्त में 105 एसएमई आईपीओ ने 35 अरब रुपये जुटाए हैं। इनमें से दो-तिहाई से अधिक आईपीओ को भरपूर सब्सक्रिप्शन मिला है। जुलाई में सेबी ने एसएमई आईपीओ के पहले दिन शेयरों की तेजी पर 90 फीसदी की सीमा लगा दी है। सेबी 12-15 एक्शन पॉइंट्स पर भी काम कर रहा है, जो छोटी कंपनियों के लिए नियम और ज्यादा सख्त बनाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed