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SEBI: कॉरपोरेट घरानों के फैमिली ऑफिस भी निगरानी के दायरे में होंगे, शेयर बाजार नियामक के इस फैसले को समझें

Sat, 04 Oct 2025 08:45 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 04 Oct 2025 08:45 AM IST
सार

सेबी ने बड़े कॉरपोरेट्स की फैमिली ऑफिस निगरानी मामले में बड़ा फैसला लिया है। भारत के शेयर बाजार नियामक ने यह फैसले की अहमियत भी समझाई। देर रात सेबी को पूरे घटनाक्रम पर एक सफाई भी पेश करनी पड़ी। सेबी के इस फैसले से क्या कुछ बदलेगा? जानिए इस खबर में

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SEBI Family offices of corporate houses under surveillance understand decision of India stock market regulator
बड़े कॉरपोरेट्स के फैमिली ऑफिस भी अब सेबी की निगरानी में (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सेबी कॉरपोरेट घरानों के फैमिली ऑफिस को अपनी निगरानी में लाने की योजना बना रहा है। सेबी ने हाल में इस पर चर्चा किया है। पारिवारिक कार्यालयों से पहली बार अपनी संस्थाओं, संपत्तियों और निवेश रिटर्न का खुलासा करने के लिए कहा गया है। हालांकि, अब तक यह क्षेत्र विनियमन से बाहर है। सेबी ने हालांकि ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार करने से इन्कार किया है।
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क्या है फैमिली ऑफिसेज, सेबी ने सफाई में क्या लिखा?
प्रस्ताव पर विचार से इनकार करते हुए सेबी ने शनिवार देर रात जारी एक स्पष्टीकरण में कहा, वह फिलहाल फैमिली ऑफिसेज़ के लिए कोई नियामक ढांचा लागू करने पर विचार नहीं कर रहा है। सेबी के बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सेबी इन निजी निवेश संस्थाओं को अपने अधिकार क्षेत्र में लाने की योजना बना रहा है। खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए सेबी ने कहा, ऐसा कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। बता दें कि फैमिली ऑफिसेज़ आमतौर पर उच्च-निवल मूल्य वाले व्यक्तियों और उनके परिवारों की संपत्ति और निवेश का प्रबंधन करते हैं।
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इस साल की शुरुआत में कुछ पारिवारिक कार्यालयों के साथ बैठकों के बाद फैसला
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) बड़े पारिवारिक समूहों के सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली प्रतिभूतियों में निवेश और जोखिम की जानकारी पता कर रहा है। नियामक ने इस साल की शुरुआत में कुछ पारिवारिक कार्यालयों के साथ बैठकें कीं। नए नियमों का अंतिम स्वरूप और समय अभी स्पष्ट नहीं है। देश के अति-धनी परिवार महत्वपूर्ण निवेशों के साथ प्रमुख खिलाड़ी बन गए हैं। ये बाजारों में उथल-पुथल मचा सकते हैं।


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आईपीओ में प्रमुख निवेशक हैं कई दिग्गज फैमिली ऑफिस धारक
कई फैमिली ऑफिस वैकल्पिक निवेश कोष या गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों जैसी विनियमित संस्थाओं के जरिये निवेश करते हैं। कई फैमिली ऑफिस आईपीओ में प्रमुख निवेशक हैं। इसमें विप्रो के अरबपति अजीम प्रेमजी की प्रेमजी इन्वेस्ट, बजाज की बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट और टेक अरबपति शिव नाडर और नारायण मूर्ति की निजी निवेश फर्में हैं। फैमिली ऑफिस एक निजी स्वामित्व वाली कंपनी होती है। यह अमीर परिवार के लिए निवेश प्रबंधन और धन प्रबंधन का काम संभालती है।
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