स्मार्ट सिटीज मिशन: 1.50 लाख करोड़ की 90 फीसदी से ज्यादा परियोजनाएं पूरी, शहरी विकास को मिल रही रफ्तार
एसबीआई ने स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर जारी एक रिपोर्ट में कहा, कुल परियोजनाओं में से 7,504 यानी 90 फीसदी से अधिक पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जिनकी लागत 1.50 लाख करोड़ रुपये है। यह बताता है कि देशभर में शहरी विकास में तेजी से प्रगति हो रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 25 जून, 2015 को शुरू किया गया स्मार्ट सिटीज मिशन अपने 10 साल पूरे करने के करीब है। इस मिशन के तहत 100 शहरों में करीब 1.64 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 8,000 से अधिक मल्टी-सेक्टोरल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। एसबीआई ने स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर जारी एक रिपोर्ट में कहा, कुल परियोजनाओं में से 7,504 यानी 90 फीसदी से अधिक पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जिनकी लागत 1.50 लाख करोड़ रुपये है। यह बताता है कि देशभर में शहरी विकास में तेजी से प्रगति हो रही है।
अर्बन मोबिलिटी और जल/स्वच्छता इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 50 फीसदी खर्च
मिशन का जोर अर्बन मोबिलिटी (शहरी गतिशीलता) और जल/स्वच्छता बुनियादी ढांचे में सुधार पर रहा है। कुल लागत का करीब 50 फीसदी खर्च इन दो क्षेत्रों पर किया गया है, जिसमें 3,000 से अधिक परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों क्षेत्रों में हर परियोजना पर औसतन 22 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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फंड इस्तेमाल करने में यूपी शीर्ष पर
रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत परियोजनाओं पर खर्च किए गए 1.64 लाख करोड़ रुपये में से करीब 92 फीसदी फंड का इस्तेमाल 21 प्रमुख राज्यों में किया गया है। फंड इस्तेमाल करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। तमिलनाडु दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है। परियोजनाओं पर कुल खर्च में इन तीनों राज्यों की हिस्सेदारी एक तिहाई है।
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हर शहर पर सालाना 100 करोड़ खर्च
केंद्र सरकार ने शहरी विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ाने के लिए स्मार्ट सिटीज मिशन पर पांच वर्षों में 48,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इसमें हर शहर को प्रति वर्ष औसतन 100 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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