SBI: सावधि जमा दरों में 20 आधार अंकों की कटौती, 2 वर्ष से 3 वर्ष से कम की अवधि के लिए जमा पर मिलेगा इतना ब्याज
SBI: 2 वर्ष से 3 वर्ष से कम की अवधि के लिए जमा पर निवेशकों को अधिकतम 6.7 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, इसके बाद 3 वर्ष से 5 वर्ष से कम की अवधि के लिए 16 मई से 6.55 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। 5 वर्ष से 10 वर्ष की सावधि जमा पर अब आम जनता के लिए 6.30 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जबकि 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम अवधि की जमा पर यह 6.5 प्रतिशत है।
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देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 16 मई से सभी अवधियों की सावधि जमा दरों में 20 आधार अंकों की कटौती की है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, 3 करोड़ रुपये से कम की खुदरा घरेलू सावधि जमा पर ब्याज दरों में कटौती आम जनता और वरिष्ठ नागरिकों दोनों के लिए लागू है।
2 वर्ष से 3 वर्ष से कम की अवधि के लिए जमा पर निवेशकों को अधिकतम 6.7 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, इसके बाद 3 वर्ष से 5 वर्ष से कम की अवधि के लिए 16 मई से 6.55 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। 5 वर्ष से 10 वर्ष की सावधि जमा पर अब आम जनता के लिए 6.30 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जबकि 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम अवधि की जमा पर यह 6.5 प्रतिशत है।
बैंक के अनुसार, "अमृत वृष्टि" (444 दिन) की विशिष्ट अवधि योजना की ब्याज दर भी 16 मई, 2025 से 7.05 प्रतिशत से संशोधित कर 6.85 प्रतिशत कर दी गई है। वरिष्ठ नागरिक और अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष से अधिक आयु के) ब्याज दर में अतिरिक्त लाभ के लिए पात्र हैं।"
पिछले महीने भी, एसबीआई ने आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में कटौती के बाद जमा दरों में 10-25 आधार अंकों की कटौती की थी। अप्रैल में रिजर्व बैंक ने लगातार दूसरी बार मुख्य ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती की थी, ताकि अमेरिका की आरे से पारस्परिक टैरिफ के खतरे का सामना कर रहे विकास को सहारा दिया जा सके। नीतिगत रेपो दर अब 6 प्रतिशत है। बीएसई पर एसबीआई के शेयर पिछले बंद भाव से 0.27 प्रतिशत बढ़कर 793.95 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
दुनिया की शीर्ष 100 कंपनियों में शामिल होने का मुकाम
भारतीय स्टेट बैंक ने मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में लगभग 9.2 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। इस तरह वह शुद्ध लाभ के आधार पर वैश्विक स्तर पर शीर्ष 100 कंपनियों में शामिल होने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी के बाद केवल तीसरी भारतीय कंपनी बन गई है।
हालांकि, एसबीआई के मुनाफे का बड़ा हिस्सा अपेक्षाकृत छोटे डिजिटल समूह द्वारा संचालित होता है, ऐसा राजेंद्र श्रीवास्तव ने, जिन्हें भारत का फिलिप कोटलर माना जाता है, मीडियम डॉट कॉम पर एक पोस्ट में कहा। भारत के सबसे बड़े ऋणदाता की लाभप्रदता में प्रभावशाली वृद्धि कई साल पहले शुरू हुए एक साहसिक डिजिटल बदलाव में निहित है। उन्होंने लिखा, "एसबीआई की लाभप्रदता की कहानी, कई मायनों में, योनो की कहानी है।"
यू ओनली नीड वन (YONO) ऐप नवंबर 2017 में लॉन्च किया गया था। बढ़ते फिनटेक व्यवधान की प्रतिक्रिया के रूप में शुरू हुआ यह एप SBI की विकास रणनीति का एक स्तंभ बन गया है। आज YONO के 74 मिलियन से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, जो एक ऐसा डिजिटल उपयोगकर्ता आधार है जो देश में किसी भी निजी खिलाड़ी या फिनटेक स्टार्टअप को टक्कर देता है।