{"_id":"619dca039a544401e35df152","slug":"sbi-clarified-on-the-matter-of-not-returning-164-crore-to-account-holders-said-this-by-issuing-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"SBI News: खाताधारकों को 164 करोड़ रुपये न लौटाने के मामले पर एसबीआई ने दी सफाई, बयान जारी कर कही यह बात","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
SBI News: खाताधारकों को 164 करोड़ रुपये न लौटाने के मामले पर एसबीआई ने दी सफाई, बयान जारी कर कही यह बात
Wed, 24 Nov 2021 10:44 AM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Wed, 24 Nov 2021 10:44 AM IST
सार
SBI Clarified on Returning 164 Crore Rupees: प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खाताधारकों से डिजिटल भुगतान के एवज में वसूले गए 164 करोड़ रुपये न लौटाने के मामले में अब भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी सफाई दी है।
विज्ञापन
state bank of india
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खाताधारकों से डिजिटल भुगतान के एवज में वसूले गए 164 करोड़ रुपये न लौटाने के मामले में अब भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी सफाई दी है। एसबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन पर लिए गए शुल्क को वापस करने के मामले में हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम इस संबंध में सरकारी और नियामकीय संस्थाओं का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं।
विज्ञापन
जानें क्या है यह पूरा मामला
हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक पर एक रिपोर्ट आई थी, जिसे लेकर प्रमुख सरकारी बैंक ने सफाई जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया था कि बैंक ने अप्रैल, 2017 से लेकर दिसंबर, 2019 के दौरान प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खाताधारकों से डिजिटल भुगतान के एवज में वसूले गए 164 करोड़ रुपये के अनुचित शुल्क को अभी तक लौटाया नहीं है।
विज्ञापन
सरकार ने दिया था वापसी का निर्देश
इस संबंध में सरकार की ओर से भारतीय स्टेट बैंक को यह वसूला गया शुल्क ग्राहकों को लौटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन हालिया जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ने अभी तक बस 90 करोड़ का शुल्क ही वापस किया है, अभी 164 करोड़ रुपये की राशि लौटाई जानी बाकी है। गौरतलब है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे की तरफ से जन-धन खाता योजना पर यह रिपोर्ट तैयार की गई थी।
विज्ञापन