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IBA: आईबीए बैकों को धन मुहैया कराने के लिए RBI करेगा संपर्क, लिस्टेड कंपनियों के विलय-अधिग्रहण पर होगा खर्च
Mon, 25 Aug 2025 05:21 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 25 Aug 2025 05:21 PM IST
सार
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने बताया है कि भारतीय बैंक संघ (आईबीए) सूचीबद्ध कंपनियों के विलय और अधिग्रहण के लिए बैंकों को धन मुहैया कराने की अनुमति देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से औपचारिक अनुरोध करेगा। आइए इस बारे में विस्तार से जानें
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चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी
- फोटो : x.com/TheOfficialSBI
विस्तार
भारतीय बैंक संघ (आईबीए) सूचीबद्ध कंपनियों के विलय और अधिग्रहण के लिए बैंकों को धन मुहैया कराने की अनुमति देने के लिए बैंकिंग नियामक भारतीय रिजर्व बैंक से औपचारिक अनुरोध करेगा। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने सोमवार को बात कही। उन्होंने निजी क्षेत्र से क्षमता विस्तार के लिए निवेश शुरू करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उपभोग बढ़ाने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं।
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शेट्टी ने कहा, "विलय और अधिग्रहण (एम एंड ए) के वित्तपोषण के लिए भारतीय बैंकों तक पहुँच... मुझे लगता है कि हम पहले भी इस पर बात कर चुके हैं। अगर आप इसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को देखें, तो अधिग्रहणों का वित्तपोषण न करना शत्रुतापूर्ण अधिग्रहण पर आधारित है।"
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शेट्टी, जो आईबीए के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा, "शुरुआत में, हम आईबीए की ओर से आरबीआई से एक औपचारिक अनुरोध करेंगे... ताकि वे कम से कम कुछ सूचीबद्ध कंपनियों से शुरुआत करें, वैसे मामलों में जहां अधिग्रहण अधिक पारदर्शी हैं और शेयरधारकों कहीं अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। (इस प्रकार) फंडिंग के किसी भी शत्रुतापूर्ण अधिग्रहण के मुद्दे को कम किया जा सकता है।"
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फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और आईबीए की ओर से आयोजित एफआईबीएसी 2025 में बोलते हुए एसबीआई चेयरमनै ने कहा कि कॉर्पोरेट क्षेत्र के वर्तमान पूंजीगत व्यय का वित्तपोषण उनके आंतरिक स्रोतों, इक्विटी और ऋण बाजार की मदद से किया जा रहा है। उन्होंने कॉरपोरेट से आगे आकर क्षमता वृद्धि की दिशा में निवेश करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में कदम उठाए जाने से खपत बढ़ने की उम्मीद है।
एसबीआई चेयरमैन ने कहा, "बहुत से लोग यह भी कहते हैं कि पूंजीगत व्यय तभी बड़े पैमाने पर आएगा जब मांग निरंतर बनी रहेगी...जीएसटी दरों और 12 लाख रुपये तक की आयकर छूट से संबंधित संरचनात्मक सुधारों के लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। जब मांग वास्तव में बड़े पैमाने पर वापस आएगी, तो कॉर्पोरेट को पूंजीगत व्यय या क्षमता उपलब्धता की कमी नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "कॉर्पोरेट जगत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे तुरंत क्षमता विस्तार पर ध्यान देना शुरू कर दें, जिसे निश्चित रूप से पूंजी बाजार के साथ-साथ बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से ऋण बाजार द्वारा भी समर्थन मिलेगा।" शेट्टी ने आगे कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र ग्राहक सेवा को बढ़ाने, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को गहरा करने पर केंद्रित है।
एसबीआई चेयरमैन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बैंक मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यमों को ऋण देने पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जून तिमाही में सरकारी स्वामित्व वाले इस बैंक का लघु और सूक्ष्म उद्यमों को ऋण 19 प्रतिशत बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि उच्च लाभप्रदता और निम्न स्तर की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों वाले बैंक आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि भारत भू-राजनीति में बढ़ते प्रभाव के साथ एक वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है।