Zee Row: सैट से सुभाष चंद्रा व पुनीत गोयनका को झटका, सेबी के आदेश के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार
Zee Row: अपीलीय न्यायाधिकरण ने चंद्रा और गोयनका की अपील पर सेबी से 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। सैट ने मामले को निपटाने के लिए 19 जून की तारीख तय की है।
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प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका को सेबी के उस आदेश के खिलाफ कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है जिसमें उन्हें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय कर्मी का पद संभालने से रोक दिया गया था। अपीलीय न्यायाधिकरण ने चंद्रा और गोयनका की अपील पर सेबी से 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। सैट ने मामले को निपटाने के लिए 19 जून की तारीख तय की है।
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में ये कहा
ट्रिब्यूनल ने गुरुवार को पारित अपने आदेश में कहा, ''हमें लगता है कि इस स्तर पर अंतरिम आदेश पारित करना वास्तव में अपीलों को स्वीकार करना होगा। नतीजतन, हमें लगता है कि हमें अपीलों पर अंतिम रूप से फैसला करना चाहिए।"
ये है पूरा मामला
बाजार नियामक सेबी ने चंद्रा और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोयनका के खिलाफ 12 जून को कथित तौर पर जेडईईएल के कोष की हेराफेरी के लिए कार्रवाई की थी। इसके बाद उन्होंने सेबी के आदेश को सैट (SAT) में चुनौती दी है।