फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Samwad 2025 Lucknow: Gold at all time high; Invest or not? Market veterans gave this opinion

Samwad 2025: सोना सर्वोच्च स्तर पर; निवेश सही या नहीं, सेंट्रल बैंक-भारतीय हाउसवाइव्स में क्या कनेक्शन? जानें

Sat, 19 Apr 2025 01:43 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 19 Apr 2025 01:43 PM IST
सार

 Amar Ujala Samwad Lucknow 2025: बढ़े हुए वैश्विक मांग के बीच दिल्ली में बीते गुरुवार को सोना 70 रुपये बढ़कर 98,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। उधर, शुक्रवार को अमर उजाला संवाद के मंच पर निवेश जगत के दिग्गजों ने बताया कि सोने की कीमतों को देखते हुए उसमें और निवेश करना चाहिए या नहीं? क्या है उनकी राय आइए जानते हैं विस्तार से।

विज्ञापन
Samwad 2025 Lucknow: Gold at all time high; Invest or not? Market veterans gave this opinion
संवाद 2025 लखनऊ - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सोना बीते कुछ महीनों में लगातार नए ऑल टाइम हाई की ओर बढ़ा है। एक ओर यह धातु हर दिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तो दूसरी ओर निवेशक इस दुविधा में हैं कि इसमें और पैसा लगाएं या नहीं। कारण है उनके बीच का यह डर कि है निवेश के बाद कीमतें ऑल टाइम हाई से नीचे फिसलना न शुरू कर दें। लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद के मंच पर भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। ऑल टाइम हाई पर कारोबार कर रहे सोने में निवेश करें या नहीं? बाजार के दिग्गजों ने अपने अनुभव के आधार पर इसका जवाब दिया। सोने में निवेश पर उनका क्या नजरिया है? आइए विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन

दुनियाभर के सेंट्रल बैंक और भारतीय हाउसवाइव्स के बीच क्या कनेक्शन? 

बढ़े हुए वैश्विक मांग के बीच दिल्ली में बीते गुरुवार को सोना 70 रुपये बढ़कर 98,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को गुड फ्राइडे के मौके पर सर्राफ बाजार में कारोबार नहीं हुआ। उधर, शुक्रवार को ही अमर उजाला संवाद के मंच पर निवेश जगत के दिग्गजों ने बताया कि सोने की कीमतों को देखते हुए उसमें और निवेश करना चाहिए या नहीं? उन्होंने इस सवाल का साफगोई से जवाब दिया। कोटक म्यूचुअल फंड के सीईओ नीलेश शाह ने सोने में निवेश पर अपनी राय रखी। सोने में निवेश करें या नहीं इस सवाल के जवाब में नीलेश शाह ने संवाद के दौरान बताया कि इसमें निवेश 100% फीसदी करनी चाहिए। दुनियाभर के सेंट्रल बैंक भारतीय हाउसवाइव्स की तरह बन गए हैं। वे सोना खरीदते हैं और बेचते नहीं है। दुनिया में इतना सोना नहीं है कि सेंट्रल बैंकर्स और इंडियन हाउसवाइव्स दोनों की जरूरत पूरी हो सके। इस लिए सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, गोल्ड में रैली काफी तेजी से हुई है तो थोड़ा करेक्शन भी जरूर आएगा। लेकिन, सेंट्रल बैंक जब तक सोने में निवेश कर रहे हैं तब तक इसमें निवेश करना उचित होगा।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Samwad 2025: 'पैसा जरूरी नहीं है यह कहने से पहले पैसा कमा लें', लखनऊ में संवाद के मंच पर बोले बाजार के दिग्गज
विज्ञापन
विज्ञापन


निवेश और भरोसे में क्या है संबंध?

बाजार में निवेशकों का मन कैसे समझा जाए? इस सवाल के जवाब में बोलते हुए नीलेश शाह ने बताया कि निवेशकों का मन समझना ये एक जर्नी है। और मन से उनका दिल जीतना जरूरी है। उन्होंने कहा, "बहुत समय तक मुझे लगा था कि मैं तो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लोगों के पैसे मैनेज करने के लिए आया हूं। कुछ समय बात यह समझ में आया कि मैं पैसों से ज्यादा लोगों का भरोसा मैनेज करने के लिए आया हूं। भरोसा कमाने में जिंदगी निकल जाती है और गंवाने के लिए एक क्षण काफी है। निवेशकों का भरोसा जीतना जरूरी है। कई बार हम लोगों का नुकसान करते हैं। लोगों का पैसा चला जाता है। पर जब तक लोगों का भरोसा हम पर है, वे पैसा हमारे पास रखते हैं। ये भरोसे की इंडस्ट्री है। पैसा मैनेज करने की इंडस्ट्री नहीं है। हमें अपने चाल-चलन से निवेशकों को विश्वास देना पड़ेगा कि हम उनके भरोसे का जतन करेंगे। व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट के सीईओ आशीष सोमैया ने भी भरोसे को बाजार का अभिन्न अंग बताया।



ये भी पढ़ें: Samwad 2025: 'सही माइंडसेट से जीवन को बना सकते हैं सफल', संवाद के मंच पर बोले स्माइल ग्रुप के मनीष विज

कोटक म्यूचुअल फंड के नीलेश शाह ने बताया सही निवेश कैसे करें?

निवेश कैसा हो? निवेशक को गिरावट की स्थिति में वैल्यू चुनना चाहिए या ग्रोथ चुनना चाहिए? इस बारे में बोलते हुए नीलेश ने कहा कि एक फंड मैनेजर के तौर पर हमारा काम होता है पैसा बनाना। अगर पैसा वैल्यू चुनकर बनता है तो वैल्यू चुननी चाहिए। अगर पैसा ग्रोथ चुनने पर बने तो हमें ग्रोथ चुननी चाहिए। उन्होंने क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन और सौरव का उदाहरण दिया। 

सचिन और सौरव के उदाहरण से कैसे समझें इन्वेस्टमेंट का फंडा?

नीलेश शाह ने निवेश का फंडा समझाते हुए कहा कि सौरव गांगुली बाएं हाथ के बल्लेबाज थे, लेकिन सचिन तेंदुलकर दाएं हाथ के बल्लेबाज थे। अब सौरव गांगुली ऑफ साइड पर मजबूत थे। वहां पर वह महाराजा थे। किसी भी बॉल पर वे 10 फील्डर के बीच से निकाल सकते थे। ऑन साइड पर वह उतना अच्छा नहीं खेलते थे। हम फंड मैनेजर्स की भी इस तरह की एक पहचान बन जाती है। जो वैल्यू इन्वेस्टर हैं, वो वैल्यू में अच्छा काम कर पाएगा। लेकिन अगर सौरव गांगुली ऑन साइड पर खेलते ही नही, तो उनका करियर इतना लंबा नहीं चलता। उन्हों ने अपने आप को ऑन साइड पर खेलने के लिए तैयार किया। ऑफ साइड के महाराजा थे लेकिन ऑन साइड पर भी रन तो बना लेते थे। इसी तरह, एक फंड मैनेजर के तौर पर हमें भी किसी भी बंधन के अंदर खुद को नहीं जकड़ना चाहिए। जब वैल्यू चले तो हमें वैल्यू लेना चाहिए। जब ग्रोथ चले तो हमें ग्रोथ लेना चाहिए। मैंने हमेशा पैसा बनाने के लिए पैसों का निवेश किया है। इस तरह उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देकर अमर उजाला के मंच पर निवेश का फंडा समझाया।

ये भी पढ़ें: Samwad 2025: निवेश कैसा हो? अमर उजाला संवाद के मंच पर दिग्गजों ने सचिन-सौरव के उदाहरण से समझाया, आप भी जानिए

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed