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Rupee Against Dollar: आखिर कब थमेगी रुपये में गिरावट? डॉलर के मुकाबले 13 पैसे टूटकर नए निचले स्तर पर आया
Wed, 15 Jun 2022 04:52 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Wed, 15 Jun 2022 04:52 PM IST
सार
Rupee At All Time Low Against Dollar: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय मुद्रा रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार शुरू होते ही यह डॉलर के मुकाबले 28 पैसे टूटकर पहली बार 78 के स्तर के पार पहुंच गया था। मंगलवार को भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा, वहीं बुधवार को यह गिरावट और भी बढ़ गई।
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रुपया बनाम डॉलर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
घरेलू शेयर बाजारों में सुस्ती और लगातार विदेशी कोषों के बहिर्वाह से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। इसके चलते बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे टूटकर 78.17 (अनंतिम) के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा 77.99 पर खुली और अंत में 78.04 के अपने पिछले बंद के मुकाबले 13 पैसे नीचे 78.17 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुई।
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फेड रिजर्व बढ़ा सकता है दरें
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के फॉरेक्स एंड बुलियन एनालिस्ट गौरांग सोमैया ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में 50 बीपीएस तक बढ़ाए जाने की संभावना है। हॉकिश टिप्पणियों से डॉलर को निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है। डॉलर में व्यापक बढ़त के बाद प्रमुख मुद्राएं दबाव में रहीं। इस बीच बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 119.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
घरेलू शेयर बाजार को देखें तो बीएसई सेंसेक्स 152.18 अंक या 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,541.39 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 39.95 अंक या 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,692.15 पर बंद हुआ। स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी बिकवाली जारी रखते हुए मंगलवार को शुद्ध रूप से 4,502.25 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की।
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81 के स्तर तक पहुंच सकता है रुपया
गौरतलब है कि सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय मुद्रा रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार शुरू होते ही यह डॉलर के मुकाबले 28 पैसे टूटकर पहली बार 78 के स्तर के पार पहुंच गया था। मंगलवार को भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा, वहीं बुधवार को यह गिरावट और भी बढ़ गई। रुपये में जारी गिरावट के बीच एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि डॉलर के मुकाबले रुपया आने वाले दिनों में 81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच सकता है।
बिकवाली का पड़ता है बड़ा प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जब उथल-पुथल मचती है तो निवेशक डॉलर की ओर अपना रुख करते हैं। डॉलर की मांग बढ़ती है तो फिर अन्य करेंसियों पर दबाव बढ़ जाता है। दुनिया भर में अनिश्चितता की बात करें तो कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन में चल रहे युद्ध की वजह से आपूर्ति में रुकावट आई है, जो कि दुनियाभर में अव्यवस्था पैदा करने वाली है। जब अनिश्चितता का समय होता है तो लोग सुरक्षित ठिकाना खोजते हैं और डॉलर को एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है और डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जबकि रुपये की मांग कम हो जाती है।
रुपये में कमजोरी का बड़ा असर
गौरतलब है कि भारत तेल से लेकर जरूरी इलेक्ट्रिक सामान और मशीनरी के साथ मोबाइल-लैपटॉप समेत अन्य गैजेट्स के लिए दूसरे देशों से आयात पर निर्भर है। अधिकतर मोबाइल और गैजेट का आयात चीन और अन्य पूर्वी एशिया के शहरों से होता और अधिकतर कारोबार डॉलर में होता है। अगर रुपये में इसी तरह गिरावट जारी रही तो देश में आयात महंगा हो जाएगा। विदेशों से आयात होने के कारण इनकी कीमतों में इजाफा तय है, मतलब मोबाइल और अन्य गैजेट्स पर महंगाई बढ़ेगी और आपको ज्यादा खर्च करना होगा। साथ ही बता दें कि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इसका भुगतान भी डॉलर में होता है और डॉलर के महंगा होने से रुपया ज्यादा खर्च होगा। इससे माल ढुलाई महंगी होगी, इसके असर से हर जरूरत की चीज पर महंगाई की और मार पड़ेगी।