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Rupee vs Dollar: रुपया डॉलर के मुकाबले फिर धड़ाम, 76 पैसे गिरकर सर्वकालिक निचले स्तर पर, जानिए क्या है कारण

Wed, 21 Jan 2026 12:00 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 21 Jan 2026 12:00 PM IST
सार

बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 76 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 91.73 पर पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितता, व्यापार युद्ध की आशंकाओं और बढ़ते जोखिम से बचाव के रुख के कारण उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है।

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Rupee extends losses; here’s how much it has fallen against the dollar
डॉलर बनाम रुपया - फोटो : Adobestock

विस्तार

वैश्विक बाजारों में सतर्कता और डॉलर की मजबूत मांग के बीच बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तेज गिरावट के साथ रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 76 पैसे गिरकर सर्वकालिक निचले स्तर 91.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि रुपये ने 16 दिसंबर, 2025 को अपना अब तक का सबसे निचला स्तर 91.14 दर्ज किया था और इस महीने अब तक स्थानीय मुद्रा में 1.50 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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फॉरेक्स कारोबारियों के अनुसार, बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका से मिल रहे विस्तारवादी संकेतों के चलते निवेशकों में जोखिम से बचने का रुख बढ़ा है। इसका दबाव उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर बना हुआ है, जिसमें भारतीय रुपया भी शामिल है।

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मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 90.97 अंक पर बंद हुआ

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 91.05 पर खुला और डॉलर के मुकाबले दिन के निचले स्तर 91.74 तक गिर गया। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 90.97 पर बंद हुआ।

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ये भी पढ़ें: Rupee vs Dollar: रुपया डॉलर के मुकाबले फिर धड़ाम, 31 पैसे गिरकर सर्वकालिक निचले स्तर पर, जानिए क्या है कारण

रुपया क्यों हो रहा कमजोर?

सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा व्यापार युद्ध की बयानबाजी को फिर से शुरू करने और ग्रीनलैंड पर अपना दबाव बढ़ाने से बाजार पहले से ही अस्थिर थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जबकि डॉलर लगातार दूसरे दिन कमजोर हुआ। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक न केवल जोखिम बल्कि दिशा पर भी सवाल उठा रहे हैं।

पबारी ने आगे कहा कि लगातार वैश्विक बेचैनी, साथ ही 91.07 से ऊपर लगातार गिरावट, धीरे-धीरे 91.70-92.00 क्षेत्र की ओर द्वार खोल सकती है, जब तक कि आरबीआई के सक्रिय हस्तक्षेप द्वारा इसे रोका न जाए। उन्होंने कहा कि नकारात्मक गिरावट की ओर देखें तो, किसी भी सुधारात्मक गिरावट को 90.30-90.50 के दायरे में पहला समर्थन मिलने की संभावना है। इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.02 प्रतिशत गिरकर 98.61 पर कारोबार कर रहा था।

  • वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
  • घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स 270.84 अंक गिरकर 81,909.63 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक गिरकर 25,157.50 पर आ गया।
  • एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 2,938.33 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

 

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