फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Retail Inflation India December Inflation Rate Government Data CPI India Inflation Rise  Economic News Hindi

खुदरा महंगाई दर में उछाल: दिसंबर में बढ़कर 1.33% पर पहुंची, नवंबर के मुकाबले लगभग दोगुनी बढ़ोतरी

Mon, 12 Jan 2026 04:23 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 12 Jan 2026 04:23 PM IST
सार

Retail Inflation: दिसंबर महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 1.33% हो गई है, जो नवंबर में 0.71% थी। पढ़ें महंगाई के ताजा आंकड़ों पर विस्तृत रिपोर्ट।

विज्ञापन
Retail Inflation India December Inflation Rate Government Data CPI India Inflation Rise  Economic News Hindi
खुदरा महंगाई दर - फोटो : ANI

विस्तार

रसोई के जरूरी सामानों, खासकर सब्जियों और प्रोटीन युक्त वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 1.33 प्रतिशत पर पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह नवंबर में 0.71 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 1.33 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले सितंबर में महंगाई दर 1.44 प्रतिशत के स्तर पर थी। हालांकि हेडलाइन महंगाई में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खाद्य महंगाई अब भी नकारात्मक क्षेत्र में बनी हुई है, जो उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित राहत का संकेत है।

विज्ञापन

खाद्य महंगाई दर पर क्या है अपडेट?

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति लगातार सातवें महीने नकारात्मक बनी रही। दिसंबर में यह (-) 2.71 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि, नवंबर के (-) 3.91 प्रतिशत के मुकाबले इसमें थोड़ी वृद्धि हुई है, जो खाद्य कीमतों में आए आंशिक उभार को दर्शाता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने डेटा जारी करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में हेडलाइन और खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि का मुख्य कारण पर्सनल केयर और इफेक्ट्स, सब्जियां, मांस और मछली, अंडे, मसाले तथा दालों और उनके उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी है।

विज्ञापन

आरबीआई के लिए महंगाई बढ़ने के क्या हैं मायने?

यह डेटा मौद्रिक नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। दिसंबर में खुदरा महंगाई लगातार चौथे महीने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 'निचली सहनशीलता सीमा' से नीचे रही है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत पर रखने का ल्क्ष्य दिया है, जिसमें दोनों तरफ 2 प्रतिशत का मार्जिन है (यानी 2% से 6% की रेंज)। 1.33 प्रतिशत का मौजूदा आंकड़ा 2 प्रतिशत की निचली सीमा से कम है, जो दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में अभी भी मूल्य वृद्धि की दर काफी धीमी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

महंगाई के मुख्य कारक क्या?

दिसंबर महीने में महंगाई को ऊपर ले जाने में निम्नलिखित श्रेणियों का योगदान रहा:

  • सब्जियां और मसाले: रसोई का बजट प्रभावित हुआ।
  • प्रोटीन स्रोत: मीट, मछली, अंडे और दालों के दाम बढ़े।
  • अन्य: पर्सनल केयर उत्पादों की महंगाई में भी इजाफा देखा गया।

दिसंबर के आंकड़े बताते हैं कि हालांकि महंगाई दर अपने निचले स्तर से ऊपर उठी है और तीन महीने के शिखर पर है, लेकिन यह अब भी आरबीआई के तय दायरे के निचले स्तर (2%) से कम है। खाद्य महंगाई का लगातार नकारात्मक बने रहना यह बताता है कि अब भी ग्रामीण और कृषि मांग में पूरी तरह से तेजी नहीं आई है।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed