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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Retail inflation eases to 4.25% in May from 4.70% in April: Government of India

Retail Inflation: खुदरा महंगाई 25 माह में सबसे कम, खाने-पीने की वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में नरमी का असर

Mon, 12 Jun 2023 06:51 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 12 Jun 2023 06:51 PM IST
सार

Retail Inflation: सरकार की ओर से खुदरा महंगाई के ये आंकड़े 1114 शहरी और 1181 ग्रामीण बाजारों से जुटाए गए डेटा के आधार पर जारी किए गए हैं। इसके तहत देश के 98.56% गांवों को जबकि 97.04% शहरी बाजारों को कवर किया गया है।

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Retail inflation eases to 4.25% in May from 4.70% in April: Government of India
retail inflation - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

खाने-पीने की वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई मई में घटकर 4.25 फीसदी रह गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर का यह 25 महीने का निचला स्तर है। अप्रैल, 2021 में यह 4.23 फीसदी रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, मई में लगातार चौथे महीने खुदरा महंगाई दर में गिरावट आई है। साथ ही, यह लगातार तीसरा महीना है, जब सीपीआई महंगाई आरबीआई के 6 फीसदी के संतोषजनक दायरे में है। अप्रैल, 2023 में खुदरा महंगाई 4.7 फीसदी और मई, 2022 में 7.04 फीसदी रही थी।

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सरकार ने बताया, मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों व ईंधन की कीमतों में कमी की वजह से खुदरा महंगाई में गिरावट आई है। सीपीआई सूचकांक में आधी हिस्सेदारी रखने वाली खाद्य महंगाई इस दौरान घटकर 2.91% रह गई, जो अप्रैल में 3.84% थी। ईंधन एवं बिजली की महंगाई अप्रैल के 5.52% से घटकर 4.64% पर आ गई। सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई को 2 फीसदी घट-बढ़ के साथ 4 फीसदी पर रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।

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सरकार की ओर से जारी मई महीने के सीपीआई महंगाई के आंकड़े

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1114 शहरी और 1181 ग्रामीण बाजारों से जुटाया गया डेटा

सरकार की ओर से खुदरा महंगाई के ये आंकड़े 1114 शहरी और 1181 ग्रामीण बाजारों से जुटाए गए डेटा के आधार पर जारी किए गए हैं। इसके तहत देश के 98.56% गांवों को जबकि 97.04% शहरी बाजारों को कवर किया गया है।

खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में नरमी से महंगाई में राहत 

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मई महीने में खाद्य और ईंधन वस्तुओं की कीमतों में नरमी आने से CPI आधारित महंगाई दर में कमी आई है। यह लगातार चौथा महीना है जब खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट आई है और लगातार तीसरा महीना है जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 6% से नीचे यानी आरबीआई के कंफर्ट जोन में है।

अप्रैल 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर खुदरा महंगाई दर

खुदरा महंगाई 4.25 प्रतिशत की दर पर आ गई है, जो अप्रैल 2021 के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। उस समय  यह 4.23 प्रतिशत पर थी। बता दें कि सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से छह प्रतिशत के बीच बनी रहे। पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था और चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के औसतन 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन 4.2 प्रतिशत बढ़ा

सरकार की ओर से सोमवार को जारी अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन 4.2 प्रतिशत बढ़ा है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला कारखाना उत्पादन अप्रैल 2022 में 6.7 प्रतिशत बढ़ा था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों से पता चला है कि विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में अप्रैल 2023 में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अप्रैल महीने में खनन उत्पादन  5.1 प्रतिशत बढ़ा। वहीं बिजली उत्पादन में अप्रैल महीने में 1.1 प्रतिशत की कमी आई है।



सस्ते : अनाज, सब्जी-फल
उत्पाद           अप्रैल         मई
अनाज           13.67      12.65
मांस-मछली   -1.23        -1.29
तेल-वसा       -12.33     -16.01
फल              2.09        0.70
सब्जी            -6.50      -8.18
कपड़ा           7.42        6.66
ईंधन-बिजली   5.52       4.64

15 साल में पहली बार गेहूं पर भंडारण सीमा लागू
बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 15 साल में पहली बार गेहूं पर भंडारण सीमा लागू कर दी। यह व्यापारियों, थोक व खुदरा विक्रेताओं और प्रसंस्करणकर्ताओं पर 31 मार्च, 2024 तक के लिए लगाई गई है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा, पिछले माह मंडी स्तर पर गेहूं की कीमतों में करीब 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सरकार खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत पहले चरण में थोक उपभोक्ताओं व व्यापारियों को 15 लाख टन गेहूं बेचेगी। खाद्य सचिव ने कहा, देश के पास गेहूं का पर्याप्त भंडार है। इसलिए, हम आयात के बारे में नहीं सोच रहे हैं। गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध भी जारी रहेगा।

महंगे : दाल-दूध, चीनी
उत्पाद         अप्रैल         मई
दूध             8.85        8.92
अंडा           3.10        6.71
दाल           5.28         6.56
चीनी          1.93         2.51
मसाले       17.43      17.90
पान-तंबाकू  3.46         3.55
आंकड़े फीसदी में /साल 2023

हरियाणा में सर्वाधिक महंगाई
हरियाणा-   6.04%
बिहार-   6.00%
उत्तराखंड-   5.75%
उत्तर प्रदेश-  5.21%
झारखंड-  4.97%
हिमाचल-  4.35%
पंजाब-  4.18%
जम्मू-कश्मीर- 3.92%
दिल्ली- 1.53%

...और चीनी निर्यात की अनुमति नहीं
चीनी के और निर्यात की अनुमति देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उधर, गेहूं के अलावा सरकार ने ओएमएसएस के जरिये बाजार में चावल बेचने का फैसला किया है। इसकी मात्रा बाद में अंतिम रूप से तय की जाएगी।  

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