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दिवालिया कानून के तहत होगा वित्तीय सेवा कंपनियों का समाधान
Fri, 15 Nov 2019 06:29 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Fri, 15 Nov 2019 06:29 PM IST
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अब वित्तीय सेवा प्रदाताओं से जुड़े मामलों का समाधान भी दिवालिया कानून के तहत किया जा सकेगा। सरकार ने इसके लिए दिवालिया कानून के तहत नियम अधिसूचित कर दिए हैं। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने शोध क्षमता और दिवालिया (वित्तीय सेवा प्रदाताओं के दिवालियापन और परिसमापन कार्यवाही और न्यायिक प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 को अधिसूचित कर दिया है।
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एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैंकों की तुलना में व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण वित्तीय सेवा प्रदाताओं (एफएसपी) की दिवालिया और परिसमापन कार्यवाही के लिए एक उचित फ्रेमवर्क उपलब्ध कराया जाएगा।
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संहिता की धारा 227 केंद्र सरकार को वित्तीय क्षेत्र के नियामकों, एफएसपी या विभिन्न श्रेणियो के एफएसपी के साथ परामर्श से दिवालिया और परिसमापन की कार्यवाही के लिए नियम अधिसूचित करने की अनुमति देता है। अहम बात यह है कि एफएसपी के लिए कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) ‘सिर्फ उचित नियामक के आवेदन पर’ ही शुरू की जाएगी। यह कदम कई ऐसी इकाइयों के वित्तीय संकट में फंसने से संबंधित मामलों के मद्देनजर उठाया गया है, जो वित्तीय सेवा क्षेत्र से आती हैं।
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कंपनी मामलों के सचिव इंजेति श्रीनिवास ने कहा कि धारा 227 के अंतर्गत वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए विशेष फ्रेमवर्क उपलब्ध कराने का उद्देश्य बैंकों और अन्य अहम वित्तीय सेवा कंपनियों को वित्तीय समाधान के लिए एक पूर्ण कानून की पेशकश करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार व्यवस्थागत रूप से महत्वपूर्ण श्रेणी में नहीं आने वाली एफएसपी की विशेष श्रेणियों को भी अधिसूचित करेगी और संहिता के सामान्य प्रावधानों के तहत उनका समाधान निकाला जाएगा, जो सामान्य रूप से कॉरपोरेट कर्जदारों पर लागू होते हैं।