Telecom Sector: 5जी और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ीं नौकरियों में 33.7 फीसदी इजाफा, अगली तिमाही में बढ़ेगी मांग
अंतरराष्ट्रीय जॉब वेबसाइट्स के अनुसार, पिछले साल से इस सितंबर के बीच 5जी और दूरसंचार से जुड़ी नौकरियों में 33.7 फीसदी बढ़त देखी गई है। इंडीड इंडिया के करियर विशेषज्ञ सौमित्र चंद ने कहा कि कंपनियों ने 5जी तकनीक और सेवाओं को विकसित करने के लिए पहले से ही लोगों को रखना शुरू कर दिया था।
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पिछले 12 महीनों में 5जी और दूरसंचार से जुड़ी नौकरियों में तेज उछाल देखा गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस उछाल की वजह यह है कि दूरसंचार कंपनियां चाहती हैं कि लोग तेजी से 5जी तकनीक अपनाएं।
अंतरराष्ट्रीय जॉब वेबसाइट्स के अनुसार, पिछले साल से इस सितंबर के बीच 5जी और दूरसंचार से जुड़ी नौकरियों में 33.7 फीसदी बढ़त देखी गई है। इंडीड इंडिया के करियर विशेषज्ञ सौमित्र चंद ने कहा कि कंपनियों ने 5जी तकनीक और सेवाओं को विकसित करने के लिए पहले से ही लोगों को रखना शुरू कर दिया था। कंपनियां तेजी से 5जी अपना रही हैं। इससे अगली तिमाही में भी ऐसी नौकरियों की मांग बढ़ेगी। इसके साथ ही 5जी तकनीक के लिए सुरक्षा तंत्र डिजाइन करने और नेटवर्क बनाने जैसे काम में भी कुशल प्रतिभाओं की मांग बढ़ेगी।
साइबर सुरक्षा में भी बढ़े रोजगार
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि कोरोना की वजह से कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधाएं दी हैं। इससे साइबर सुरक्षा को लेकर बेहतर प्रबंधन की मांग बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त, 2019 से अगस्त, 2022 के बीच साइबर सुरक्षा के लिए नौकरियों की पोस्टिंग में 81% वृद्धि हुई है। अगस्त, 2019 से अगस्त, 2022 के बीच साइबर सुरक्षा की नौकरियों में 25.5% प्रतिभाओं की कमी रही है। ऐसे में 5जी सेवाओं के लॉन्च से सुरक्षा संबंधी नौकरियों में बड़ा उछाल आएगा।
माइक्रोसॉफ्ट ने 1000 को निकाला
माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन ने अपने हर डिवीजन से कुल मिलाकर कम-से-कम एक हजार लोगों की छंटनी की है। ये जानकारी अमेरिकी वेबसाइट एक्सिओस ने मंगलवार को सूत्र के हवाले से दी। अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ताजा उदाहरण है, जिसने दुनियाभर में छाई आर्थिक मंदी की आशंका के चलते लोगों को नौकरी से निकाला है। इसके साथ ही कंपनी ने नई भर्तियों पर रोक लगा दी है।
- इस छंटनी का असर माइक्रोसॉफ्ट की कुल कर्मचारियों की संख्या के तकरीबन एक फीसदी पर पड़ेगा। बता दें कि 30 जून के आंकड़ों के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों की कुल संख्या 2 लाख 21 हजार है। कंपनी ने जुलाई में कहा था कि कुछ छोटी भूमिकाओं को कम किया गया है और इस वजह से आगे भी छंटनी जारी रह सकती है।
- बढ़ती ब्याज दरों और यूरोप में आसमान छूती महंगाई के चलते कई बड़ी टेक्नॉलजी कंपनियों जैसे मेटा (फेसबुक), ट्विटर, स्नैप आदि ने भी छंटनी की है और भर्ती की प्रक्रिया को भी या तो रोक दिया है या बहुत धीमा कर दिया है।
पहली छमाही में आईटी कंपनियों ने 1.05 लाख फ्रेशर्स को दीं नौकरियां
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इन्फोसिस समेत चार प्रमुख आईटी कंपनियों ने 1.05 लाख फ्रेशर्स को नौकरी दी है। इन कंपनियों ने पिछले साल इसी अवधि में 97,000 भर्तियां की थीं।
चारों कंपनियों का मानना है कि नए कर्मचारी अनिश्चितता के माहौल में ज्यादा विश्वसनीय होते हैं। इसलिए वरिष्ठ स्तर पर नियुक्ति के बजाय प्रशिक्षण कार्यक्रम बढ़ाने पर जोर है। टीसीएस को छोड़ बाकी कंपनियों में पिछली तिमाही में नौकरी छोड़ने की दर कम या स्थिर रही है।
- इन्फोसिस : पहली छमाही में 40,000 लोगों की भर्ती की है। चालू वित्त वर्ष में 50,000 भर्तियों की है योजना।
- टीसीएस : 35,000 फ्रेशर्स को नौकरी दे चुकी है।
- विप्रो : 14,000 भर्तियां पहली छमाही में कर चुकी है। 2022-23 में 30,000 लोगों की भर्ती कर सकती है।
- एचसीएल टेक : चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान 16,000 भर्ती कर चुकी है। कंपनी की 30,000 लोगों की भर्ती की योजना है।