फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Report Mid-sized IT companies could outperform large ones what kind of performance expected amidst challenges

रिपोर्ट: मिड-साइज आईटी कंपनियां बड़ी कंपनियों को दे सकती हैं मात, चुनौतियों के बीच कैसे प्रदर्शन की उम्मीद?

Fri, 02 Oct 2026 07:25 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला,
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 02 Oct 2026 07:25 PM IST
सार

वैश्विक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और जेन-एआई की चिंता के बीच आईटी सेक्टर दबाव में है। पिछले नौ महीनों में आईटी इंडेक्स करीब 26 प्रतिशत गिरा है। इसके बावजूद मिड-साइज आईटी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है। जेन-एआई को भी खतरे के बजाय अवसर माना जा रहा है। आखिर बड़ी कंपनियों के मुकाबले मिड-साइज कंपनियां कैसे आगे निकल सकती हैं? क्या एआई इनके लिए नया मौका बनेगा?

विज्ञापन
Report Mid-sized IT companies could outperform large ones what kind of performance expected amidst challenges
आईटी कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

वैश्विक स्तर पर आईटी कंपनियों के सामने कई चुनौतियां हैं। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। आर्थिक अनिश्चितता भी बनी हुई है। जेन-एआई को लेकर भी बाजार में चिंता है। इसके बावजूद मिड-साइज आईटी कंपनियों के लिए अच्छी खबर है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में इनके बड़ी आईटी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना है। एक नई रिपोर्ट में यह अनुमान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी सेवाओं की मांग फिलहाल काफी हद तक स्थिर है। इससे मिड-साइज कंपनियों के लिए आगे बढ़ने की गुंजाइश बनी हुई है।

विज्ञापन


दूसरी तिमाही में मिड-साइज कंपनियों को फायदा क्यों मिल सकता है?
रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में आईटी सेवाओं की मांग में बड़ा बदलाव नहीं आया है। सितंबर में वैश्विक भू-राजनीतिक हालात जरूर बिगड़े हैं। इसका असर कारोबारी माहौल पर पड़ा है। इसके बावजूद आईटी सेवाओं की मांग पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है। मिड-साइज कंपनियां इसी स्थिर मांग का फायदा उठा सकती हैं। बड़ी कंपनियों की तुलना में इनके बेहतर प्रदर्शन की संभावना जताई गई है। हालांकि, आने वाले नतीजों में कंपनियों का प्रबंधन वैश्विक तनाव और कमजोर आर्थिक माहौल को लेकर सावधानी बरत सकता है।
विज्ञापन


जेन-एआई को आईटी कंपनियों के लिए खतरा क्यों नहीं माना जा रहा है?
जेन-एआई को लेकर आईटी सेक्टर में लंबे समय से चर्चा है। चिंता यह है कि एआई आधारित प्लेटफॉर्म मौजूदा आईटी कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट का आकलन इससे अलग है। इसमें कहा गया है कि जेन-एआई आईटी सेवा मॉडल के लिए बड़ा खतरा नहीं है। इसके बजाय इससे नए अवसर बन सकते हैं। आईटी कंपनियां एआई आधारित समाधान विकसित कर सकती हैं। इससे आने वाले समय में नए कारोबार और विकास के रास्ते खुल सकते हैं। रिपोर्ट में आईटी सर्विसेज मॉडल को आगे भी मजबूत बने रहने की संभावना जताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले नौ महीनों में आईटी इंडेक्स में कितनी गिरावट आई है?
आईटी सेक्टर के लिए पिछला समय आसान नहीं रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले नौ महीनों में आईटी इंडेक्स करीब 26 प्रतिशत गिरा है। इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें प्लेटफॉर्म आधारित जेन-एआई से संभावित बदलाव और खाड़ी क्षेत्र से जुड़ी अनिश्चितताएं प्रमुख हैं। इन वजहों से निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा है। आने वाली तिमाही में भी बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। हालांकि, रिपोर्ट का मानना है कि यह दबाव लंबी अवधि में आईटी सेक्टर की संभावनाओं को खत्म नहीं करता है।

क्या आईटी कंपनियों के मार्जिन में सुधार हो सकता है?
रिपोर्ट में ज्यादातर आईटी कंपनियों के मार्जिन में सुधार का अनुमान लगाया गया है। कंपनियों को परिचालन दक्षता बढ़ाने से फायदा मिल सकता है। लागत कम करने के उपाय भी मदद कर सकते हैं। कुछ कंपनियां अपने राजस्व वृद्धि के अनुमान में बदलाव कर सकती हैं। हालांकि, मार्जिन को लेकर बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। रिपोर्ट में मूल्यांकन के लिए वित्त वर्ष 2028 से वित्त वर्ष 2029 के औसत पीई मल्टीपल्स को आधार बनाया गया है। डॉलर-रुपये का अनुमान भी 93 रुपये से बढ़ाकर 95 रुपये प्रति डॉलर कर दिया गया है।


लंबी अवधि में आईटी सेक्टर के लिए क्या संभावनाएं हैं?
निकट अवधि में आईटी कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसके पीछे वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारण हैं। फिर भी लंबी अवधि को लेकर रिपोर्ट का रुख सकारात्मक है। आईटी सेवाओं की मांग स्थिर रहने की उम्मीद है। डिजिटल बदलाव से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश बढ़ सकता है। एआई आधारित समाधान भी नए अवसर पैदा कर सकते हैं। ऐसे में मिड-साइज आईटी कंपनियों के लिए आने वाले समय में बड़ी कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed