फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI Repo Rate News: RBI will increase repo rate if inflation is not controlled

Repo Rate: महंगाई पर काबू पाने में नहीं मिली सफलता तो रेपो रेट बढ़ाएगा आरबीआई

Fri, 12 Feb 2021 09:33 AM IST
Kuldeep Singh बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Fri, 12 Feb 2021 09:33 AM IST
विज्ञापन
RBI Repo Rate News: RBI will increase repo rate if inflation is not controlled
रेपो रेट - फोटो : पेक्सेल्स

खुदरा महंगाई की दरें अगर तीसरी तिमाही में भी रिजर्व बैंक के तय दायरे से ऊपर रहती हैं, तो मजबूरन रेपो रेट मेें बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। उत्पादों की बढ़ती कीमतों को थामने के लिए मौद्रिक और राजकोषीय दोनों मोर्चे से कोशिशें करना जरूरी है। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि चालू वित्तवर्ष की पिछले दो तिमाहियों में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी से ऊपर बनी रही। अगर जनवरी-मार्च तिमाही मेें भी यह आरबीआई के तय 2-6 फीसदी के दायरे से ऊपर रहती है, तो उसे सरकार को लिखित में इसका कारण बताना होगा।

विज्ञापन


मौद्रिक समिति की लगातार चौथी बैठक में नहीं बदली ब्याज दरें 
इसके समाधान के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना ही एक मात्र विकल्प बचेगा। हालांकि, कोविड-19 से पहले ही दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था पर ब्याज दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी विपरीत प्रभाव डाल सकती है।
विज्ञापन


कानून से बंधे रिजर्व बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के बाद वह अनुमानित अवधि भी बतानी होगी, जब ब्याज दरों को वापस अपने दायरे में ला दिया जाएगा। पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की लगातार चौथी बैठक में भी आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खाद्य उत्पादों पर घटाया उत्पाद शुल्क
महंगाई के मोर्चे पर रिजर्व बैंक के हाथ भले ही बंधे हों, लेकिन सरकार ने इसे नीचे लाने की भरसक कोशिशें की हैं। खुदरा महंगाई पर सबसे ज्यादा असर खाद्य उत्पादों का पड़ता है। इसे देखते हुए मोदी सरकार ने दालों, खाद्य तेल और तिलहन पर आयात शुल्क में कटौती कर दी है।

इस कदम से विदेशों से आने वाले उत्पादोें की कीमतें घरेलू बाजार में नीचे आएंगी और खुदरा महंगाई पर कुछ हद तक काबू पाने में मदद मिलेगी। इसी बीच, आरबीआई वित्तीय तंत्र में पूंजी तरलता बढ़ाने की कोशिश की है, ताकि बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाया जा सके। 


जनवरी में 4.4 फीसदी महंगाई दर का अनुमान
ब्लूमबर्ग ने एक सर्वे में बताया है कि जनवरी में खुदरा महंगाई की दर 4.4 फीसदी रह सकती है। यह लगातार दूसरा महीना होगा जब खुदरा महंगाई रिजर्व बैंक के तय दायरे से नीचे रहेगी। इससे पहले दिसंबर में भी खुदरा महंगाई की दर 4.59 फीसदी रही थी। सरकार शुक्रवार को जनवरी के खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी करेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed