फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Rbi says, Bank can reduce CRR for loan distribution

कर्ज बांटने के लिए बैकों को सीआरआर घटाने की छूटः आरबीआई

Fri, 07 Feb 2020 06:20 AM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 07 Feb 2020 06:20 AM IST
विज्ञापन
Rbi says, Bank can reduce CRR for loan distribution
भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : Social Media

चालू वित्त वर्ष की आखिरी एमपीसी बैठक में रिजर्व बैंक का सारा जोर अर्थव्यवस्था को गति देने पर रहा। इसी वजह से गुरुवार को मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों में और कटौती करने के बजाए पूर्व में घटाए रेपो रेट का लाभ पहुंचाने पर ज्यादा जोर दिया। इसके लिए आरबीआई ने बैंकों को कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में कटौती करने की छूट दे दी है, जो जुलाई 2020 तक लागू रहेगी।

विज्ञापन


बैठक के बाद एमपीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने वाले छोटे और मझोले उद्योगों को ज्यादा से ज्यादा कर्ज मुहैया कराया जाए। इसके लिए जरूरत पड़े तो बैंक अपने आरक्षित कोष के अनुपात में कटौती कर सकते हैं।
विज्ञापन


प्रोत्साहन का लाभ एमएसएमई के साथ होम और ऑटो लोन सेक्टर को भी मिलेगा। सीआरआर वह राशि होती है, जो वाणिज्यिक बैंकों को आरबीआई के पास सुरक्षित रखना जरूरी होता है। अभी यह किसी बैंक की कुल जमा का 4 फीसदी है। सीआरआर में कटौती को लेकर छूट 31 जनवरी, 2020 से लागू हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाहरी बेंचमार्क से जुड़ेंगी दरें : आरबीआई ने जीडीपी में 28 फीसदी योगदान देने वाले एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कर्ज की ब्याज दरों को बाहरी बेंचमार्क से जोड़ने का फैसला किया है। 1 अप्रैल, 2020 से इस क्षेत्र को मिलने वाले कर्ज की ब्याज दरें रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क के आधार पर तय की जाएंगी।  

Trending Videos

महंगाई के दबाव में नहीं घटाया रेपो रेट

रिजर्व बैंक ने अनुमान जताया है कि मार्च में समाप्त होने वाली आखिरी तिमाही तक खुदरा महंगाई की दर 6.5 फीसदी तक पहुंच जाएगी। सब्जियों के अलावा दूध, दाल जैसे खाद्य पदार्थों और क्रूड की कीमतों मेें उछाल के कारण भी महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।

यही वजह रही कि रिजर्व बैंक ने लगातार दूसरी एमपीसी बैठक में रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर स्थिर रखा। साथ ही रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया, जो 4.9 फीसदी पर बनी हुई है। हालांकि, अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में महंगाई 5.4-5 फीसदी और तीसरी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) में खुदरा महंगाई 3.2 फीसदी पर आने का अनुमान जताया है।
 

1 लाख करोड़ के रेपोस से घटेगी कर्ज की ब्याज दर

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी बैठक में पुनर्खरीद समझौतों (रेपोस) पर लिए गए फैसलों की बाबत कहा कि इस कदम से अर्थव्यवस्था को काफी मदद मिलेगी। आरबीआई ने 1 साल और तीन साल की अवधि वाले रेपोस जारी करने का फैसला किया है, जिसकी कुल सीमा 1 लाख करोड़ रुपये होगी। इसकी शुरुआत 15 फरवरी से शुरू हो रहे पखवाड़े के साथ होगी।

दास ने कहा कि फैसले से बैंकों को अपनी उधारी दरें घटाने में मदद मिलेगी। रेपोस को सरकारी प्रतिभूतियों से लघु अवधि का उधार भी कहते हैं। इसमें विक्रेता इन प्रतिभूतियों को कुछ दिन के लिए निवेशकों को बेचता है और फिर थोड़ी बढ़ी हुई ब्याज दर पर खरीद लेता है।  

राजकोषीय घाटा पूरा करने के लिए नहीं छापेंगे अतिरिक्त नोट

गवर्नर ने कहा कि बढ़ते राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए अतिरिक्त नोट छापने की कोई योजना नहीं है। सरकार ने बजट में राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन (एफआरएमबी) कानून के तहत छूट उपबंध का उपयोग किया है।

इसके तहत घाटे की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए 0.5 फीसदी तक वृद्धि की गुंजाइश रखी है। यानी हालात को देखते हुए सरकार अपने अनुमानित राजकोषीय घाटे को आधा फीसदी तक बढ़ा सकती है। सरकार ने अगले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राजकोषीय घाटा 3.5 फीसदी जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए 3.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed