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RBI: क्रेडिट कार्ड जैसे लोन पर अब देनी पड़ सकती है गारंटी, असुरक्षित कर्ज पर लगाम लगाने के लिए आरबीआई की योजना

Wed, 14 Jun 2023 05:40 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 14 Jun 2023 05:40 AM IST
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RBI plans to curb unsecured loans, Loans like credit cards may now have to be guaranteed
क्रेडिट कार्ड (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

आने वाले समय में आपको पर्सनल, क्रेडिट कार्ड जैसे लोन पर गारंटी देनी पड़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीाई) संभावित डिफॉल्ट के बढ़ते जोखिम के बीच बैंकों के इस तरह के असुरक्षित पोर्टफोलियो पर लगाम लगाने की तैयारी में है।

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अभी तक पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे लोन के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होती है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई पैसा उधार लेता है और उसे वापस नहीं कर पाता, तो बैंक के पास उससे लेने के लिए कुछ नहीं होता। ये लोन बैंक के लिए ज्यादा जोखिम भरे होते हैं, क्योंकि इस बात की अधिक आशंका होती है कि लोग उन्हें वापस भुगतान न करें। हालांकि, बैंक इन लोन से ज्यादा पैसा कमाते हैं क्योंकि वे इस तरह के कर्जों पर सबसे ज्यादा ब्याज वसूलते हैं।
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एक सूत्र ने कहा कि जब इस प्रकार के लोन बहुत तेजी से बढ़ते हैं, तो इसका अर्थ यह हो सकता है कि ज्यादा लोग उन्हें वापस भुगतान करने में सक्षम नहीं होंगे। इसलिए आरबीआई यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बाद में समस्याओं से बचने के लिए सब कुछ नियंत्रण में रहे। एक निजी क्षेत्र के बैंक में क्रेडिट कार्ड विभाग के प्रमुख ने कहा, मुमकिन है कि आरबीआई असुरक्षित लोन और क्रेडिट कार्ड से जुड़े जोखिम को बढ़ा दे या इस तरह के लोन पर कड़ी नजर रखने के तरीकों के बारे में बात करने और विचारों पर चर्चा करने के लिए एक पेपर बना सकता है। वे बेहतर और अधिक कुशल तरीके खोजना चाहते हैं ताकि इन लोन का प्रबंधन ठीक से किया जा सके।
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आरबीआई के नियमों के अनुसार, बैंकों को लोन के जोखिम को कवर करने के लिए एक निश्चित रकम अलग रखनी होती है। बिना गारंटी वाले लोन जैसे पर्सनल और क्रेडिट कार्ड कर्ज के लिए अलग-अलग जोखिम कवर रकम निर्धारित की गई है। पर्सनल लोन के लिए बैंकों को लोन की रकम का 100 फीसदी अलग रखना होता है और क्रेडिट कार्ड लोन के लिए जितना भुगतान अभी बाकी है, उस लोन राशि का 125 फीसदी अलग रखना होता है। एक बड़े बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आरबीआई के पास कड़ी नजर रखने के कई विकल्प हैं। इन नियमों को लागू किए जाने में बस कुछ समय की बात है।

लोन न चुकाने वालों की बढ़ी संख्या
अप्रैल में, अपने लोन चुकाने में देर करने वालों की संख्या पर्सनल लोन के लिए नौ फीसदी और क्रेडिट कार्ड के लिए चार फीसदी थी। यह महामारी से पहले की तुलना में अधिक है। उस समय दोनों कर्ज न चुकाने वालों की संख्या पांच फीसदी थी।

  • अप्रैल में दी थी चेतावनी...आरबीआई बैंकों को गारंटी के बिना लोन देने को लेकर चेतावनी दे रहा था, क्योंकि ब्याज दरों के साथ चीजों की कीमतें बढ़ रही थीं। आरबीआई यह सुनिश्चित करना चाहता था कि इस प्रकार के लोन देते समय बैंक सावधान रहें और बहुत अधिक जोखिम न लें।


क्रेडिट कार्ड पर दो लाख करोड़ बकाया
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड पर लोगों की बकाया रकम एक साल में 1.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये हो गई। इसका मतलब है कि अधिक से अधिक लोग क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहे हैं और बैंकों से पैसे उधार ले रहे हैं।

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