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त्योहारों पर ऑनलाइन शॉपिंग में आएगा बूम, क्विक कॉमर्स की रफ्तार इस बार बढ़ेगी
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Tue, 08 Sep 2026 04:40 AM IST
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भारत में त्योहारी सीजन शुरू होते ही ऑनलाइन शॉपिंग का बाजार एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस बार 10 मिनट या उससे भी कम समय में सामान पहुंचाने वाले क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने पारंपरिक ई-कॉमर्स कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। क्विक कॉमर्स की शुरुआत मुख्य रूप से किराना, फल-सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की तेज डिलीवरी से हुई थी, लेकिन अब इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। त्योहारों के दौरान ग्राहक पूजा सामग्री के साथ-साथ कपड़े, स्मार्टफोन, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य जरूरी सामान भी कम समय में मंगाने के विकल्प तलाश रहे हैं।
पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म आम तौर पर ऑर्डर की डिलीवरी में एक से तीन दिन या कई बार इससे अधिक समय लेते हैं। इसके मुकाबले क्विक कॉमर्स कंपनियां अपने डार्क स्टोर्स और स्थानीय इन्वेंट्री नेटवर्क के जरिए ग्राहकों तक सामान कुछ ही मिनटों में पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। त्योहारों के दौरान इस मॉडल का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि उस समय खरीदारी की मांग तेजी से बढ़ती है और ग्राहक आखिरी समय में भी सामान खरीदना चाहते हैं। ऐसे में तेज डिलीवरी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक फायदा बन सकती है।
जेप्टो के सीबीओ देवेंद्र मील के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में प्लेटफॉर्म पर विशेष फेस्टिव SKU यानी स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों की त्योहारों से जुड़ी अलग-अलग जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा करना है। इसका मतलब यह है कि क्विक कॉमर्स कंपनियां केवल रोजमर्रा के सामान तक सीमित रहने के बजाय त्योहारी खरीदारी के बड़े बाजार में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, ग्राहकों के खरीदारी व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब लोग क्विक कॉमर्स के जरिए केवल दूध, सब्जी या किराना ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और तत्काल जरूरत वाले दूसरे उत्पाद भी खरीदने लगे हैं। हालांकि, पारंपरिक ई-कॉमर्स की भूमिका अभी खत्म नहीं हुई है। जब ग्राहकों को बड़ी संख्या में विकल्प देखने, अलग-अलग ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने और विस्तृत प्रोडक्ट जानकारी हासिल करने की जरूरत होती है, तब बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अब भी मजबूत स्थिति में हैं।
इस तरह आने वाले त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग के बाजार में दो अलग-अलग मॉडल एक साथ प्रतिस्पर्धा करते नजर आ सकते हैं। क्विक कॉमर्स तेज डिलीवरी और तत्काल जरूरतों को पूरा करने पर जोर देगा, जबकि पारंपरिक ई-कॉमर्स ज्यादा विकल्प, बेहतर तुलना और व्यापक कैटलॉग के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करेगा। त्योहारी खरीदारी बढ़ने के साथ दोनों प्लेटफॉर्म्स के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है।
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