आरबीआई रिपोर्ट: एनबीएफसी के गोल्ड लोन में शानदार उछाल जारी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री कितनी बढ़ी
भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के स्वर्ण ऋण में 68.5 फीसदी की वृद्धि हुई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के ऋण में भी 51.5 फीसदी का उछाल देखा गया, जबकि आवास और वाहन ऋण में भी वृद्धि दर्ज की गई।
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भारतीय रिजर्व बैंक ने 07 सितंबर 2026 को बताया कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा स्वर्ण आभूषणों के बदले दिए गए ऋण में जुलाई 2026 में 68.5 फीसदी की शानदार वृद्धि हुई है। यह कई महीनों से जारी उच्च ऋण वृद्धि के रुझान का हिस्सा है। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं की खरीद के लिए दिए गए ऋण में भी जुलाई 2026 में 51.5 फीसदी की तेजी देखी गई।
स्वर्ण ऋण खंड में पिछले महीने 69.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। एक साल पहले जुलाई 2025 में यह वृद्धि 43.9 फीसदी थी। पिछले कुछ तिमाहियों में सोने की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। इससे ऋण देने वाला पूरा पारिस्थितिकी तंत्र इस खंड के साथ अधिक सहज महसूस कर रहा है। इसमें उच्च मूल्य की सुरक्षा के साथ बेहतर प्रतिफल भी मिलता है। हालांकि, संपत्ति निर्माण से दूर होने और उपभोग संबंधी खर्चों के लिए अधिक उधार लेने की प्रवृत्ति पर चिंताएं भी व्यक्त की गई हैं।
क्या अन्य क्षेत्रों में भी ऋण वृद्धि हुई?
एनबीएफसी और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के आवास ऋण खंड में जुलाई में 11.9 फीसदी की वार्षिक वृद्धि हुई। यह जून में 11.4 फीसदी और जुलाई 2025 में 4 फीसदी थी। एनबीएफसी के वाहन ऋण खंड में जुलाई 2026 में 15.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। यह जुलाई 2025 में 15.3 फीसदी और जून 2026 में 15.2 फीसदी थी। एनबीएफसी और एचएफसी के कुल खुदरा ऋण में जुलाई 2026 में 21.4 फीसदी की वृद्धि हुई।
सेवा और उद्योग क्षेत्र का क्या हाल है?
सेवा क्षेत्र को दिए गए ऋण की वृद्धि जुलाई में धीमी होकर 15.2 फीसदी हो गई। यह जुलाई 2025 में 24.5 फीसदी और इस साल जून में 17.6 फीसदी थी। उद्योग खंड को दिए गए ऋण में जुलाई 2026 में 7.4 फीसदी की वृद्धि हुई। यह पिछले साल की समान अवधि के 9.3 फीसदी से कम है, लेकिन जून 2026 के 6.7 फीसदी से अधिक है।