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RBI: आरबीआई की एमपीसी बैठक के दौरान किस सदस्य का क्या रुख रहा? केंद्रीय बैंक ने मिनट्स जारी कर बताया
Fri, 19 Dec 2025 09:42 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 19 Dec 2025 09:42 PM IST
सार
RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को 3-5 दिसंबर, 2025 को आयोजित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के मिनट्स जारी किए। क्या जानकारी दी गई, आइए जानें।
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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में संपन्न हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक के मिनट्स जारी कर दिए हैं। इन दस्तावेजों से केंद्रीय बैंक की भावी रणनीति और ब्याज दरों में कटौती के पीछे का कारण पता चला। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के दौरान कहा कि मौद्रिक नीति में 'तटस्थ' रुख अपनाना वक्त की मांग है, क्योंकि यह केंद्रीय बैंक को बदलती मैक्रोइकॉनॉमिक (समष्टि आर्थिक) स्थितियों के अनुरूप तेजी से कार्य करने का लचीलापन प्रदान करता है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को 3-5 दिसंबर, 2025 को आयोजित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के मिनट्स जारी किए। एमपीसी की बैठक के दौरान आरबीआई ने अल्पकालिक उधार दर (रेपो दर) को 25 बीपीएस घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला पिछली दो एमपीसी बैठकों में दर पर यथास्थिति बनाए रखने के बाद लिया गया।
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कार्यवाही के अनुसार, जहां पांच सदस्यों ने केंद्रीय बैंक को डेटा-आधारित नीतिगत कार्रवाई करने में सक्षम बनाने के लिए तटस्थ रुख जारी रखने के पक्ष में मतदान किया, वहीं एक सदस्य ने इसे 'अनुकूल' रुख में बदलने की वकालत की।
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गवर्नर मल्होत्रा ने कहा, "मैं 25 बीपीएस की ब्याज दर में कटौती के पक्ष में हूं। इससे मांग को प्रोत्साहन मिलेगा और विकास को भी समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, मैं तटस्थ रुख बनाए रखने के पक्ष में हूं, जो आंकड़ों पर निर्भर रहने और बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और दृष्टिकोण के अनुसार कार्य करने के लिए आवश्यक लचीलापन प्रदान करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति की दर 4 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब रहने का अनुमान है।
बिजनेस विशेषज्ञों का मानना है कि गवर्नर का यह बयान बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। 'तटस्थ रुख' का अर्थ है कि आरबीआई भविष्य में ब्याज दरों को घटाने, बढ़ाने या स्थिर रखने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है और उसका फैसला आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।