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तेल की कीमतों में फिर तेजी: ब्रेंट 97 डॉलर के पार, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख; क्या बढ़ेगी चिंता?
Fri, 04 Sep 2026 02:30 AM IST
निर्मल कांत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:30 AM IST
सार
तेल की कीमतें बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। अमेरिका-ईरान के बीच फिर शुरू हुई लड़ाई का असर बाजार पर दिख रहा है। वॉल स्ट्रीट की बढ़त के बाद एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दिखी, तो क्या आगे बाजार की दिशा बदलेगी?
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
तेल की कीमतों में गुरुवार को तेजी आई। ब्रेंट कच्चा तेल करीब 97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, दुनिया के शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई जंग ने तेल की कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि अमेरिका का बमबारी अभियान 'बहुत ज्यादा समय' तक चलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 1.7 फीसदी बढ़कर 97.25 डॉलर प्रति बैरल हो गई। गुरुवार की शुरुआत में इसकी कीमत में गिरावट आई थी। अमेरिका के कच्चे तेल की कीमत भी 1.9 फीसदी बढ़कर 92.71 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
यूरोप और एशिया के बाजारों में क्या रहा रुख?
यूरोप में शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रिटेन के एफटीएसई 100 में 0.1 फीसदी की बढ़त रही। यह 10,766.32 पर पहुंच गया। जर्मनी का डैक्स 0.2 फीसदी गिरकर 25,801.86 पर आ गया। वहीं, फ्रांस का सीएसी 40 भी 0.4 फीसदी गिरकर 8,250.94 पर आ गया।
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अमेरिकी शेयर बाजार में शुरुआती संकेत ज्यादा नहीं बदले। एशिया में टोक्यो का निक्केई 225 0.2 फीसदी गिरकर 64,214.48 पर आ गया। बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में ओपनएआई में निवेश करने वाली सॉफ्टबैंक ग्रुप 1.6 फीसदी चढ़ी। मेमोरी चिप बनाने वाली कियॉक्सिया होल्डिंग्स के शेयर 1.3 फीसदी बढ़े। चिप बनाने वाली मशीनें बनाने वाली कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन के शेयर 0.4 फीसदी चढ़े।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3 फीसदी बढ़कर 6,579.48 पर पहुंच गया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.2 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, मेमोरी चिप बनाने वाली एसके हाइनिक्स 1.1 फीसदी नीचे रही। हांगकांग में हैंग सेंग 0.4 फीसदी गिरकर 25,213.31 पर आ गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 फीसदी से भी कम बढ़कर 3,942.09 पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.5 फीसदी बढ़कर 9,020.10 पर पहुंच गया। ताइवान का ताइएक्स 0.7 फीसदी गिरा। भारत का सेंसेक्स भी 0.6 फीसदी नीचे रहा।
वॉल स्ट्रीट की तेजी का कितना असर?
क्षेत्रीय बाजारों में यह मिला-जुला रुख वॉल स्ट्रीट में शेयरों की बढ़त के बाद देखने को मिला। बुधवार को अमेरिका के प्रमुख एसएंडपी 500 इंडेक्स में 0.5 फीसदी की बढ़त हुई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.6 फीसदी चढ़ा। तकनीकी कंपनियों वाले नैस्डैक कंपोजिट में भी 0.5 फीसदी की बढ़त रही।
ये भी पढ़ें: नोएल टाटा को बड़ी राहत: 37 साल पुराने सौदे में क्लीन चिट, 833 शेयरों के ट्रांसफर पर क्यों उठे थे सवाल?
एआई की मांग से टेक शेयरों को मिला सहारा
निवेशकों को दो बड़ी टेक कंपनियों डेल और पालो ऑल्टो नेटवर्क्स से एआई की मांग को लेकर कुछ अच्छे संकेत मिले। इससे निवेशकों को राहत मिली। इस साल एसएंडपी 500 की बढ़त में एआई की तेजी की बड़ी भूमिका रही है।
डेल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 15.8 फीसदी का उछाल आया। कंपनी ने तिमाही में मजबूत मुनाफा कमाया था। बड़ी कंपनियों में एनवीडिया के शेयर 3.2 फीसदी चढ़े। मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयर 2.5 फीसदी बढ़े। वहीं, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 2.4 फीसदी चढ़े।
बॉन्ड बाजार में क्यों बढ़ी महंगाई की चिंता?
बॉन्ड बाजार में अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर मिलने वाली ब्याज दर घटकर करीब 4.78 फीसदी रह गई। बुधवार की शुरुआत में यह 4.81 फीसदी से ज्यादा थी। दुनिया भर में बॉन्ड की कीमतों में गिरावट के बाद महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी थी। ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों में झटके और अमेरिका के बढ़ते सरकारी कर्ज ने भी चिंता बढ़ाई है। इसके बाद अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की ब्याज दर में गिरावट आई।
डॉलर के मुकाबले येन में अचानक तेजी क्यों?
अमेरिका शुक्रवार को अगस्त महीने की रोजगार रिपोर्ट जारी करने वाला है। गुरुवार की शुरुआत में दूसरे कारोबार में जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से मजबूत हुआ। गुरुवार की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत 156.40 येन थी। यह बुधवार देर रात के 158.71 येन के मुकाबले 1.5 फीसदी कम है। इस हफ्ते की शुरुआत में डॉलर 160 येन से ऊपर चला गया था। इससे उम्मीद बढ़ गई थी कि नियामक येन को और गिरने से रोकने के लिए बाजार में दखल दे सकते हैं। यूरो की कीमत 1.1602 डॉलर थी। बुधवार को इसकी कीमत 1.1588 डॉलर थी।
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अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 1.7 फीसदी बढ़कर 97.25 डॉलर प्रति बैरल हो गई। गुरुवार की शुरुआत में इसकी कीमत में गिरावट आई थी। अमेरिका के कच्चे तेल की कीमत भी 1.9 फीसदी बढ़कर 92.71 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
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यूरोप और एशिया के बाजारों में क्या रहा रुख?
यूरोप में शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रिटेन के एफटीएसई 100 में 0.1 फीसदी की बढ़त रही। यह 10,766.32 पर पहुंच गया। जर्मनी का डैक्स 0.2 फीसदी गिरकर 25,801.86 पर आ गया। वहीं, फ्रांस का सीएसी 40 भी 0.4 फीसदी गिरकर 8,250.94 पर आ गया।
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अमेरिकी शेयर बाजार में शुरुआती संकेत ज्यादा नहीं बदले। एशिया में टोक्यो का निक्केई 225 0.2 फीसदी गिरकर 64,214.48 पर आ गया। बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में ओपनएआई में निवेश करने वाली सॉफ्टबैंक ग्रुप 1.6 फीसदी चढ़ी। मेमोरी चिप बनाने वाली कियॉक्सिया होल्डिंग्स के शेयर 1.3 फीसदी बढ़े। चिप बनाने वाली मशीनें बनाने वाली कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन के शेयर 0.4 फीसदी चढ़े।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3 फीसदी बढ़कर 6,579.48 पर पहुंच गया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.2 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, मेमोरी चिप बनाने वाली एसके हाइनिक्स 1.1 फीसदी नीचे रही। हांगकांग में हैंग सेंग 0.4 फीसदी गिरकर 25,213.31 पर आ गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 फीसदी से भी कम बढ़कर 3,942.09 पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.5 फीसदी बढ़कर 9,020.10 पर पहुंच गया। ताइवान का ताइएक्स 0.7 फीसदी गिरा। भारत का सेंसेक्स भी 0.6 फीसदी नीचे रहा।
वॉल स्ट्रीट की तेजी का कितना असर?
क्षेत्रीय बाजारों में यह मिला-जुला रुख वॉल स्ट्रीट में शेयरों की बढ़त के बाद देखने को मिला। बुधवार को अमेरिका के प्रमुख एसएंडपी 500 इंडेक्स में 0.5 फीसदी की बढ़त हुई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.6 फीसदी चढ़ा। तकनीकी कंपनियों वाले नैस्डैक कंपोजिट में भी 0.5 फीसदी की बढ़त रही।
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एआई की मांग से टेक शेयरों को मिला सहारा
निवेशकों को दो बड़ी टेक कंपनियों डेल और पालो ऑल्टो नेटवर्क्स से एआई की मांग को लेकर कुछ अच्छे संकेत मिले। इससे निवेशकों को राहत मिली। इस साल एसएंडपी 500 की बढ़त में एआई की तेजी की बड़ी भूमिका रही है।
डेल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 15.8 फीसदी का उछाल आया। कंपनी ने तिमाही में मजबूत मुनाफा कमाया था। बड़ी कंपनियों में एनवीडिया के शेयर 3.2 फीसदी चढ़े। मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयर 2.5 फीसदी बढ़े। वहीं, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 2.4 फीसदी चढ़े।
बॉन्ड बाजार में क्यों बढ़ी महंगाई की चिंता?
बॉन्ड बाजार में अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर मिलने वाली ब्याज दर घटकर करीब 4.78 फीसदी रह गई। बुधवार की शुरुआत में यह 4.81 फीसदी से ज्यादा थी। दुनिया भर में बॉन्ड की कीमतों में गिरावट के बाद महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी थी। ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों में झटके और अमेरिका के बढ़ते सरकारी कर्ज ने भी चिंता बढ़ाई है। इसके बाद अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की ब्याज दर में गिरावट आई।
डॉलर के मुकाबले येन में अचानक तेजी क्यों?
अमेरिका शुक्रवार को अगस्त महीने की रोजगार रिपोर्ट जारी करने वाला है। गुरुवार की शुरुआत में दूसरे कारोबार में जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से मजबूत हुआ। गुरुवार की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत 156.40 येन थी। यह बुधवार देर रात के 158.71 येन के मुकाबले 1.5 फीसदी कम है। इस हफ्ते की शुरुआत में डॉलर 160 येन से ऊपर चला गया था। इससे उम्मीद बढ़ गई थी कि नियामक येन को और गिरने से रोकने के लिए बाजार में दखल दे सकते हैं। यूरो की कीमत 1.1602 डॉलर थी। बुधवार को इसकी कीमत 1.1588 डॉलर थी।