RBI: देश की नई सरकार को आरबीआई से मिलेगा 2.11 लाख करोड़ रुपये का चेक, केंद्रीय बैंक ने पहली बार उठाया यह कदम
Reserve Bank: मुंबई में बुधवार को आयोजित केंद्रीय बोर्ड की 608वीं बैठक के दौरान केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल ने दृष्टिकोण के जोखिम सहित वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान बोर्ड ने सरकार को 2,10,874 करोड़ रुपये का अधिशेष हस्तांतरित करने का फैसला किया।
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आम चुनाव 2024 के परिणामों के बाद देश में बनने वाली नई सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से बड़ा तोहफा मिलेगा। केंद्रीय बैंक के बोर्ड ने पहली बार सरकार को लाभांश के रूप में 2.11 लाख करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार की बैठक में वित्त वर्ष 2024 के लिए केंद्र सरकार के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के लाभांश (dividend) को मंजूरी दी, जो वित्त वर्ष 23 की तुलना में लगभग 141 प्रतिशत अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2023 में केंद्रीय बैंक ने केंद्र सरकार को अधिशेष के रूप में ₹87,416 करोड़ ट्रांसफर किए थे। मुंबई में बुधवार को आयोजित केंद्रीय बोर्ड की 608वीं बैठक के दौरान केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल ने दृष्टिकोण के जोखिम सहित वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान बोर्ड ने सरकार को 2,10,874 करोड़ रुपये का अधिशेष हस्तांतरित करने का फैसला किया।
अब तक के सर्वाधिक लाभांश के भुगतान को मंजूरी
भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को 2023-24 के लिए केंद्र सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सर्वाधिक लाभांश भुगतान को मंजूरी दी। आरबीआई की ओर से केंद्र को लाभांश या अधिशेष हस्तांतरण के तौर पर वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 87,416 करोड़ रुपये दिए गए गए थे। इससे पहले 2018-19 में सबसे अधिक 1.76 लाख करोड़ रुपये की राशि आरबीआई की ओर से केंद्र को लाभांश के तौर पर दी गई थी।
गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई बैठक
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आज मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की 608वीं बैठक आयोजित की गई। बोर्ड ने दृष्टिकोण के जोखिमों सहित वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य की समीक्षा की। बोर्ड ने वर्ष अप्रैल 2023– मार्च 2024 के दौरान रिज़र्व बैंक के कामकाज पर भी चर्चा की और वर्ष 2023-24 के लिए रिज़र्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय विवरणों को मंजूरी दी। समिति ने सिफारिश की है कि आकस्मिक जोखिम बफर (CRB) के तहत जोखिम प्रावधान RBI की बैलेंस शीट के 6.5 से 5.5 प्रतिशत की सीमा के भीतर बनाकर रखा जाए।
केंद्र ने राजकोषीय घाटा 17.34 लाख करोड़ रुपये रखने का रखा है लक्ष्य
केंद्र सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे या व्यय और राजस्व के बीच अंतर को 17.34 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 5.1 प्रतिशत) पर रखना है। 2024-25 के अंतरिम बजट में, सरकार ने RBI और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 1.02 लाख करोड़ रुपए की लाभांश आय का अनुमान लगाया है।
सरकार को क्या फायदा होगा
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राजकोषीय घाटा कम करने में मदद मिलेगी
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कई क्षेत्रों में खर्च को बढ़ाने में होगी सहूलियत
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सरकार को बाजार से कम उधारी लेनी होगी
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विनिवेश पर भारी-भरकम निर्भरता घटेगी
वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का लाभ मिलेगा; बंपर लाभांश का कारण जानिए
एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार को आरबीआई के रिकॉर्ड 2.11 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने के फैसले से राजकोषीय घाटे में 0.30 फीसदी से 0.40 फीसदी तक की कमी आ सकती है। एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की तुलना में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में 5.1 फीसदी रखा है। एसबीआई ने रिपोर्ट में कहा, यह आरबीआई द्वारा वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का लाभ उठाते हुए चतुराई से अस्थिरता का प्रबंधन करने का एक उदाहरण है। आरबीआई को विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों से ब्याज आय में अच्छी वृद्धि हुई है। यह हाल के वर्षों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आक्रामक ब्याज दरों में बढ़ोतरी से प्रेरित है। विदेशी मुद्रा में भी अच्छी खासी बढ़त हुई है।