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Railway: नवनियुक्त रेल अधिकारी मुख्यालय में तैनाती से पहले 10 साल फील्ड में रहेंगे, रेलवे बोर्ड का एलान
Tue, 28 Feb 2023 09:09 PM IST
विवेक दास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Tue, 28 Feb 2023 09:09 PM IST
सार
Railway: हाल ही में आंध्र प्रदेश में ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना के बाद एक बैठक को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके लाहोटी ने देशभर के महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों से कहा था कि वे खुद दुर्घटनास्थल पर जाएं और समाधान तलाशें।
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Indian Railway
- फोटो : Istock
विस्तार
रेलवे बोर्ड ने कहा है कि एक बड़े नीतिगत बदलाव के तहत भारतीय रेलवे के नवनियुक्त ग्रुप 'ए' अधिकारियों को मुख्यालय में तैनाती से पहले अपनी सेवा के पहले 10 साल फील्ड में बिताने होंगे। वर्तमान में मुख्यालय में नए अधिकारियों को भी तैनात किया जा सकता है।
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सूत्रों के अनुसार यह फैसला मुख्यालय के अहम पदों पर तैनाती से पहले अधिकारियों के पास फील्ड स्तर पर पर्याप्त अनुभव हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
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रेलवे बोर्ड की ओर जारी निर्देश में कहा गया है, 'सीधी भर्ती समूह 'ए' के रेलवे अधिकारियों को फील्ड वर्किंग का पर्याप्त अनुभव सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। नवनियुक्त ग्रुप 'ए' अधिकारियों को शुरुआती 10 वर्षों के लिए फील्ड में तैनात किया जाएगा। उनकी मुख्यालय में तैनाती नहीं की जाएगी।
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हाल ही में आंध्र प्रदेश में ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना के बाद एक बैठक को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके लाहोटी ने देशभर के महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों से कहा था कि वे खुद दुर्घटनास्थल पर जाएं और समाधान तलाशें।
उन्होंने कहा, 'फील्ड पोस्टिंग महत्वपूर्ण और अधिक मांग वाली होती है। यह रेलवे के लिए अधिक उत्पादक होती है। यह युवा अधिकारियों को उन चुनौतियों के लिए भी तैयार करता है जिनका वे सामना कर सकते हैं और उनके निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। अधिकारियों ने निर्णय के पीछे के विचार को साझा करते हुए ये बातें कही।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह महसूस किया गया है कि रेलवे में निर्णय लेने वाले तेजी से जमीनी हकीकत से अलग हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'मैदान पर शुरुआती तैनाती उन्हें जमीनी हकीकत से लैस करेगी। इसके अलावा, वे सीखेंगे कि ग्रामीण क्षेत्रों में कैसे रहना है जहां अक्सर बुनियादी सुविधाएं भी गायब होती हैं।
रेलवे बोर्ड के 21 फरवरी को जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित महाप्रबंधक की मंजूरी से असाधारण अपरिहार्य कारणों के मामले में ही मुख्यालय में किसी अधिकारी को तैनात किया जा सकता है।
रेलवे के ग्रुप ए के अधिकारी ट्रेन चलाने से लेकर नीति निर्माण तक व तकनीकी पहलुओं से लेकर राजस्व संग्रह तक पूरी मशीनरी चलाते हैं। इन अधिकारियों का चयन सबसे बड़ी भर्ती निकाय संघ लोक सेवा आयोग की ओर से की जाती है।