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संपत्ति बीमा: छोटे उद्योगों को आर्थिक झटकों से बचाकर रफ्तार देने में मददगार, कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में भी सहायक

Mon, 14 Jul 2025 06:27 AM IST
कालीचरण Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 14 Jul 2025 06:27 AM IST
सार

व्यापक कवर वाली बीमा पॉलिसी का अभाव छोटे उद्योगों के टिकाऊ बने रहने और आगे बढ़ने की राह में बड़ा रोड़ा है। वह भी तब, जब देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार में इनकी बड़ी भूमिका है। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाकर कारोबार को रफ्तार देने में संपत्ति बीमा छोटे उद्योगों के लिए मददगार साबित हो सकती है।

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Property Insurance: Helpful in protecting small industries from economic shocks and giving them momentum
संपत्ति बीमा (सांकेतिक) - फोटो : Freepik

विस्तार

एक सर्वे में पता चला है कि 70 फीसदी छोटे एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) ने पिछले तीन साल में कारोबार से जुड़ा कम-से-कम एक जोखिम अवश्य झेला है। लेकिन, इनमें 20 फीसदी से भी कम के पास ही जोखिमों को कवर करने वाली अच्छी बीमा पॉलिसी थी।

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व्यापक कवर वाली बीमा पॉलिसी का अभाव छोटे उद्योगों के टिकाऊ बने रहने और आगे बढ़ने की राह में बड़ा रोड़ा है। वह भी तब, जब देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार में इनकी बड़ी भूमिका है। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाकर कारोबार को रफ्तार देने में संपत्ति बीमा छोटे उद्योगों के लिए मददगार साबित हो सकती है।
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बिजली गिरने से लेकर दंगों से होने वाले नुकसान पर भी मुआवजा
2013 में चक्रवात फैलिन और पुरी जिले में आई बाढ़ से एसएमई को 1.48 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यानी हर उद्यम को औसत 1.26 लाख का झटका लगा। 

  • यही कारण है कि संपत्ति बीमा महत्वपूर्ण हो जाता है, जो सुनिश्चित करता है कि औद्योगिक इकाइयों, गोदामों, शैक्षणिक संस्थानों और होटलों जैसे विभिन्न संपत्ति जोखिमों के लिए व्यापक कवरेज मिले।

संपत्ति बीमा आग लगने, बिजली गिरने, विस्फोटों, दंगों, हड़तालों, तूफानों, आंधी, सुनामी और भूस्खलन से होने वाले नुकसान के लिए कवरेज देता है। अगर व्यवसाय के मालिक ने संपत्ति बीमा का विकल्प चुना है तो उसे भवन, संपत्ति या उपकरण के नुकसान की भरपाई मिलेगी।  

  • अगर बीमित व्यक्ति का व्यवसाय बाधित होता है, तो उन्हें कारोबार बंद होने के कारण हुई आय या लाभ की हानि की भरपाई मिलेगी। एक बार जब व्यवसाय मालिक को इन सबके लिए मुआवजा मिल जाता है, तो उसके लिए अपने छोटे उद्यम को फिर से पटरी पर लाना आसान हो जाता है।

व्यापक सामान्य देयता बीमा
यह पॉलिसी छोटे उद्यमों को कानूनी देनदारियों का सामना करने पर सुरक्षा प्रदान करती है। अगर उनके उत्पादों के कारण किसी थर्ड पार्टी को शारीरिक नुकसान पहुंचता है या उनके परिसर में किसी थर्ड पार्टी को चोट पहुंचती है, तो बचाव लागत के अलावा यह पॉलिसी पीड़ित पक्षों को दिए गए हर्जाने को भी कवर करती है।।  

  • होटल, कार्यक्रम स्थल, शोरूम, रेस्तरां या कार्यालय जहां आगंतुकों की अधिक संख्या होती है, वे भी इस पॉलिसी से लाभान्वित हो सकते हैं। यह पॉलिसी न सिर्फ थर्ड पार्टी को चोट लगने/मृत्यु होने की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि प्राथमिक इलाज के लागत की भरपाई भी करती है।

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कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में भी काफी सहायक

हर बीमा पॉलिसी व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार तैयार की जाती है। इसका निश्चित प्रीमियम नहीं होता। कई ग्राहक और व्यावसायिक सहयोगी तभी कान्ट्रैक्ट करना चाहते हैं, जब वह व्यवसाय देयता बीमा पॉलिसी से लैस हो। इसलिए, अगर किसी एसएमई के पास पहले से ही यह बीमा कवरेज है, तो इससे उसके व्यवसाय को बढ़ावा मिलता है। -गुरदीप सिंह बत्रा, प्रमुख, प्रॉपर्टी, रिस्क इंजीनियरिंग एंड ग्लोबल अकाउंट्स

 

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