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GST Reforms: जीएसटी कटौती से 30-35 रुपये तक सस्ती हो सकती है सीमेंट की बोरी, घटेगी निर्माण लागत
Thu, 11 Sep 2025 05:49 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 11 Sep 2025 05:49 AM IST
सार
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा, जीएसटी दरों में कटौती का फैसला सीमेंट क्षेत्र के लिए संरचनात्मक रूप से सकारात्मक साबित होगा। इससे सीमेंट कंपनियों में प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे वे कर दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगी। इससे न सिर्फ सीमेंट की कीमतों में नरमी आएगी, बलि्क बुनियादी ढांचा और आवासीय परियोजनाओं की लागत भी घटेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
जीएसटी दरों में किए गए बदलाव से सीमेंट की 50 किलो की बोरी के दाम 30-35 रुपये तक घट सकते हैं। इससे मकानों और अन्य आवासीय परियोजनाओं की निर्माण लागत में भी कमी आएगी। जीएसटी परिषद के फैसले के अनुरूप 22 सितंबर से सीमेंट पर कर दर 28 से घटकर 18 फीसदी रह जाएगी।
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इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा, जीएसटी दरों में कटौती का फैसला सीमेंट क्षेत्र के लिए संरचनात्मक रूप से सकारात्मक साबित होगा। इससे सीमेंट कंपनियों में प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे वे कर दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगी। इससे न सिर्फ सीमेंट की कीमतों में नरमी आएगी, बलि्क बुनियादी ढांचा और आवासीय परियोजनाओं की लागत भी घटेगी। हालांकि, कंपनियों की प्रति बोरी वास्तविक आय एक दायरे में ही रहने की संभावना है।
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सीमेंट की मांग में पांच से सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान
रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष में सीमेंट की मांग में पांच से सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान बरकरार रखा है। इसके मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में मानसून की सक्रियता के कारण निर्माण गतिविधियां सुस्त रहने से सीमेंट की मांग पर दबाव रह सकता है। शहरी इलाकों में नई आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत में गिरावट से मांग कमजोर बनी हुई है। हालांकि, बेहतर मानसून और वास्तविक मजदूरी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेंट की खपत मजबूत रहने की उम्मीद है।
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अप्रैल-जून तिमाही में सीमेंट उद्योग ने दर्ज की छह से सात फीसदी की वृद्धि
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में सीमेंट उद्योग ने छह से सात फीसदी की वृद्धि दर्ज की थी। जुलाई में मात्रा वृद्धि 12 फीसदी रही है, जो अच्छी शुरुआत है। ब्याज दरों में कटौती से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शहरी मांग बढ़ सकती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में वृद्धि दर कमजोर रहने का अनुमान है।