{"_id":"5a3d755e4f1c1bc45b8bdac3","slug":"parliamentary-panel-concern-over-npa-issue-said-need-to-amend-the-banking-laws-including-sbi-act","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसदीय समिति का बैंकिंग कानूनों के संशोधन पर जोर, कहा- बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक करें","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
संसदीय समिति का बैंकिंग कानूनों के संशोधन पर जोर, कहा- बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक करें
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:43 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ती गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) पर चिंता जताते हुए संसदीय समिति ने कहा कि एसबीआई एक्ट समेत बैंकिंग कानूनों में संशोधन की जरूरत है। ताकि बड़े बकाएदारों के नाम का खुलासा हो सके।
विज्ञापन
संसद में याचिका संबंधी संसदीय समिति ने कहा, बैंकों पर परिसंपत्तियों का दबाव कम करने और बैलेंस सीट साफ करने की जरूरत है। इससे बैंकों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और वे पूंजी भी बढ़ा सकेंगे। समिति ने सरकार और आरबीआई की ओर से उठाए गए उन कदमों की सराहना की, जिससे एनपीए पर रोक लग रही है और बैंकों में दबाव वाली परिसंपत्तियां भी घटी हैं। समिति ने उन कानूनों की तारीफ की, जिससे बैंकों की वसूली बढ़ी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 2000 रुपए का नोट बंद होगा या नहीं? वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिया बड़ा बयान
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने सरकार को सलाह दी है कि एसबीआई कानून के प्रावधानों और अन्य आवश्यक कानून में भी बदलाव किया जाए, जिससे बैंक से पैसे लेकर न लौटाने वाले बड़े कर्जधारकों के नाम का खुलासा हो सके। समिति ने कहा कि आरबीआई भी जानबूझ कर कर्ज न अदा करने वालों के नाम सार्वजनिक करने के पक्ष में है।
हालांकि वित्त मंत्रालय/आरबीआई का मत है कि उन कर्जधारकों का नाम सार्वजनिक न किया जाए, जिनके बिजनेस में फिर से चलने की संभावना बाकी है।
समिति ने यह भी कहा कि उद्योगपतियों की ओर से राशि को दूसरे बिजनेस में लगाना और लोन देने से पहले बैंक अधिकारियों की लापरवाही कर्ज न लौटने का बड़ा कारण है। बड़े कर्जधारकों को लोन देने के लिए उचित और कठोर तंत्र होना चाहिए।