OYO IPO: एफएचआरएआई ने OYO का आईपीओ रोकने के लिए सेबी से लगाई गुहार, जानें क्या है कारण?
OYO IPO: ओयो (OYO) की ओर से कहा गया है कि फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) सीसीआई के आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहा है और सेबी को लिखा गया पत्र एफएचआरएआई की कार्यकारी समिति की बैठक से ध्यान भटकाने के लिए है।
विस्तार
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने मंगलवार को कहा कि उसने सेबी से ‘ओयो’ की आईपीओ लॉन्चिंग रोकने को कहा है। फेडरेशन के अनुसार भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की ओर से हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल टेक फर्म ओयो पर अनुचित व्यावसायिक व्यवहार के लिए लगाए गए हैं, इसके मद्देनजर कंपनी को अपना आईपीओ लॉन्च करने से रोका जाना चाहिए।
हालांकि, ओयो (OYO) की ओर से कहा गया है कि फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) सीसीआई के आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहा है और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को लिखा गया पत्र एफएचआरएआई की कार्यकारी समिति की बैठक से ध्यान भटकाने के लिए है। जिसे एनसीएलटी की ओर से अमान्य घोषित किया जा चुका है और आतिथ्य उद्योग निकाय की निगरानी के लिए अदालन एजीएम बनाने का निर्देश दिया है।
इस साल अक्टूबर में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने ऑनलाइन ट्रैवल फर्म MakeMyTrip, Goibibo, और आतिथ्य सेवा प्रदाता कंपनी OYO पर कुल मिलाकर 392 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया था।
FHRAI की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि OYO को प्रतिस्पर्धारोधी और अनुचित व्यावसायिक मामलों में लिप्त होने का दोषी पाया गया है, अनैतिक तौर-तरीकों से छोटे होटलों के व्यवसाय को प्रभावित किया जा रहा है और प्रतिस्पर्धा को दबाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में यह अनिवार्य है कि इसके IPO (आरंभिक सार्वजनिक पेशकश) को आतिथ्य उद्योग क्षेत्र, उपभोक्ताओं और संभावित निवेशकों के हित में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।